पेरिस में आतंकी हमला, संपादक सहित 12 को मारा
https://husainijnp.blogspot.com/2015/01/12.html
फ्रांस की राजधानी पेरिस में मीडिया पर हुए आतंकी हमले से पूरी दुनिया हिल गई है। तीन आतंकियों ने फ्रेंच मैगजीन शार्ली ऐब्दो पर हमला करके मैगजीन के संपादक समेत 10 पत्रकारों को मार डाला। हमले में दो पुलिस वालों समेत कुल 12 लोग मारे गए हैं।
माना जा रहा है कि तीनों हमलावरों का संबंध किसी जेहादी आतंकी संगठन के साथ हो सकता है। हमलावरों ने मैगजीन के दफ्तर में हमले के वक्त अल्ला- हू -अकबर के नारे लगाए थे, 50 राउंड से ज्यादा की फायरिंग की और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार भी हो गए। हमले के बाद पूरे फ्रांस में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। फ्रांस के गृहमंत्री का कहना है कि तीनों आतंकियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने निंदा की है।
फ्रेंच मीडिया का कहना है कि जब आतंकी मैगजीन के दफ्तर में घुसे तब उन्होंने अल्ला-हू- अकबर के नारे लगाए। सूत्रों के मुताबिक हमले को अंजाम देने के बाद आतंकियों ने कहा कि उन्होंने पैगमबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहिब के अपमान का बदला ले लिया है। आपको बता दें कि शार्ली ऐब्दो मैगजीन ने अपने कवर पर तीन साल पहले पैगंबर मोहम्मद साहिब का कार्टून छापा था।
इसके बाद साल 2011 में भी शार्ली ऐब्दो के दफ्तर पर हमला हुआ था। शार्ली ऐब्दो एक व्यंग्य मैगजीन है और इसमें मुस्लिम नेताओं के व्यंग्यात्मक कार्टून छपे थे। सूत्रों के मुताबिक इस साल के ताजा अंक में आतंकी संगठन आईएसआईएस के मुखिया अबु बकर अल बगदादी का भी कार्टून छपा था। हमले में 4 कार्टूनिस्ट की मौत हुई है।
आतंकी कार में सवार होकर शार्ली ऐब्दो मैगजीन के दफ्तर में आए और जो भी सामने आया उसे गोलियों से छलनी करते चले गए। आतंकी हमला करते हुए आतंकी नारे लगा रहे थे कि हमने बदला ले लिया।
खून की नदियां बहाकर आतंकियों ने किस बात का बदला लिया अभी इस बात का खुलासा तो नहीं हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि मैगजीन ने जो कार्टून छापे थे आतंकी उसी से नाराज थे। आपको बता दें शार्ली ऐब्दो मैगजीन व्यंग्य समाचारों और कार्टून को पेश करने को लेकर पहले से विवादों में रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादी हमले को निंदनीय और घृणित करार दिया। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, "हम फ्रांस की जनता के साथ हैं। मेरी आत्मा उन परिवारों के साथ है, जिनके प्रियजनों ने हमले में जान गंवाई है।"

