घायल शेरों के दम पर कैसे इतिहास दोहराएंगे धोनी
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नई दिल्ली। वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया एक ऐसे चक्रव्यूह में फंस गई है। जिससे निकलना अब आसान नजर नहीं आ रहा है। ये चक्रव्यूह चोट का। इसमें किस्मत के साथ सेलेक्टर्स की जिद और लापरवाही भी जिम्मेदार है। ऐसे में सवाल ये है कि लगड़े घोड़ों से टीम इंडिया कैसे वर्ल्ड चैंपियन के खिताब की रक्षा करेगी।
इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले से पहले ही टीम इंडिया का जोर का झटका लगा। ऑस्ट्रेलिया में पहली जीत के ख्वाब के साथ ब्रिस्बेन में टीम बुरी खबर के साथ उतरी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतकवीर रहे रोहित शर्मा प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं थे और वजह थी उनकी हैमस्ट्रिंग इंजरी। टीम इंडिया के लिए ये बड़ी चोट थी। क्योंकि इससे पूरा बल्लेबाजी क्रम ही लड़खड़ा गया। खासतौर से ओपनिंग की एक नई समस्या तैयार हो गई। इसका साइड इफेक्ट भारत के स्कोर कार्ड में साफ दिखा।
लेकिन फिसनेट की फांस यही तक सीमित नहीं है। वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान होने के साथ ही भारतीय दल में दो चोटिल खिलाड़ी जुड़ गए। सेलेक्टर्स ने रवींद्र जडेजा और ईशांत शर्मा को चोट के बावजूद टीम में जगह दे दी थी। उस समय कहा गया था कि ये खिलाड़ी जल्द ही फिट हो जाएंगे।
ट्राई सीरीज के दो मैच हो चुके हैं और ईशांत, जडेजा की फिटनेस पर सस्पेंस बना हुआ है। खुद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी यहां तक कह चुके हैं कि अगर ये दोनों खिलाड़ी फिट नहीं हुए तो बेंच में बैठे मोहित शर्मा और धवल कुलकर्णी को 15 सदस्यीय दल में जगह दी जा सकती है। अब ऐसे में मुश्किल परेशानी ये है कि आधे खिलाड़ी फॉर्म से जूझ रहें है और आधे फिटनेस की फांस में फंसे हुए हैं। टीम इंडिया के लिए स्थिति गंभीर बनती जा रही है।

