22 दिन बाद खुले इमामबाड़ा के ताले, प्रशासन ने मानी जव्वाद की ये मांगें
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लखनऊ। 22 दिन बाद हाई कोर्ट के आदेश से लखनऊ के दोनों ऐतिहासिक इमामबाड़ों के ताले देर रात खोल दिए गए। मौलाना कल्बे जव्वाद से बातचीत के बाद ही इममबाड़ों के ताले खुल पाए। इस मौके पर ताला खुलवाने के लिए प्रशासन के आला अफसर पहुंचे थे। गौरतलब है कि कल्बे जव्वाद की तीन प्रमुख मांगें मान ली गई हैं।
इसमें, हुसैनाबाद ट्रस्ट की निगरानी के लिए कमेटी बनेगी, जिसमें शिया सदस्यों को शामिल किया जाएगा। शियों को धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने का अधिकार होगा और सामने की सड़क पर अपने धार्मिक और पोस्टर कार्यक्रम तक लगाने की इजाजत रहेगी। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी और मौलाना कल्बे जव्वाद के बीच शुरू हुई तकरार के बाद 7 जून से लखनऊ के इमामबाड़ों पर ताले डाल दिए गए थे। जिसके बाद से लगातार आन्दोलन बढ़ता गया मगर इसी बीच हाईकोर्ट ने डीएम लखनऊ को ताले खुलवाने का निर्देश जारी किया। मगर मौलाना कल्बे जव्वाद अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। काफी मान मनउव्वल के बाद प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल और डीएम राजशेखर की अपील पर मौलाना कल्बे जव्वाद मान गए हैं ।

