पहले दोस्ती फिर तकरार और उसके बाद खौफनाक साजिश
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NEW DELHI - पहले दोस्ती फिर तकरार और उसके बाद खौफनाक साजिश, इस तरह की कहानियां आपने कई बार सुनी होंगी। लेकिन आज हम आपको जो स्टोरी बता रहे हैं। उसमें प्यार भी है और तकरार भी। इस कहानी के ज्यादातर पात्र स्कूल में पढ़ने वाले छात्र हैं। लेकिन इस कहानी का अंत बेहद खौफनाक है।
ये कहानी शुरू होती है हरियाणा के गन्नौर में एक स्कूल से। हर स्कूल की तरह इस स्कूल में भी लड़के लड़कियां साथ पढ़ते थे। कभी दोस्त बनते थे कभी रूठते थे कभी एक दूसरे को मनाते थे। दिल्ली का ये लड़का भी इस स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था और उसकी दोस्ती दिल्ली की ही रहने वाली एक लड़की के साथ थी। लेकिन इस दोस्ती का अंजाम इतना भयानक होगा ये किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। ये सभी छात्र स्कूल के हॉस्टल में रहते थे। जानकारी के मुताबिक दीपक को जिस लड़की की दोस्ती पर नाज था वो किसी और लड़के की दोस्त बन चुकी थी। रिश्ते बदले लेकिन बीच में छोड़ गए बहुत गहरी दरार। पुराने दोस्तों की बीच हुई दूरियों का अंदाजा परिवार को 25 जून को तब हुआ जब दीपक की मौत की खबर आई।
परिवार के लिए ये पूरा मामला बेहद चौंकाने वाला था। मां-बाप ने सपने भी नहीं सोचा था कि जिस बेटे को वो उज्जवल भविष्य के लिए घर से दूर हॉस्टल में पढ़ा रहे हैं वो मौत की आगोश में सो जाएगा। दीपक अभी नाबालिग था और उसके साथ पढ़ने वाले लड़के लड़कियां भी उसके हम उम्र ही थे। लेकिन उसके अपने साथी इतनी खौफनाक साजिश रचेंगे ये तो उसने भी सपने में नहीं सोचा होगा।
दीपक की मां को अभी भी यकीन नहीं हो पाया है कि इसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। रो-रोकर आंखे भी अब सूख चुकी हैं। लेकिन यादों का समंदर है कि सूखता नहीं। बेटे को घर से दूर पढ़ने के लिए भेजा था लेकिन जब छुट्टियों में लौटकर उसने बताया कि कुछ लड़के उसे परेशान कर रहे हैं तो इस मां ने बेटे को स्कूल भेजना ही बंद कर दिया। लेकिन इसे क्या मालूम था कि वो जान के दुश्मन घर से बुलाकर ही दीपक को मौत के घाट उतार देंगे।
