जीत गई जिंदगी :- सुरंग में फंसे 2 श्रमिकों को 9 दिन बाद सुरक्षित निकाला गया
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| साभार IBN7 |
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर के पास निर्माणाधीन सुरंग के आंशिक रूप से ध्वस्त हो जाने से उसके भीतर फंसे दो श्रमिकों को नौ दिनों की मशक्कत के बाद आज निकाल लिया गया। तीसरे श्रमिक की तलाश का काम जारी है, जिसके अभी भी मलबे के अंदर फंसे होने की आशंका है।
नई दिल्ली से बचाव अभियान की निगरानी कर रहे एनडीआरएफ के महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि वहां से निकाले गए दो श्रमिकों की पहचान मणि राम और सतीश तोमर के तौर पर हुई है। हालांकि तीसरे श्रमिक हृदय राम से संपर्क नहीं हो पाया है। सिंह ने कहा कि एक सप्ताह से ज्यादा समय से सुरंग में फंसे तीन श्रमिकों में से दो को हमने बचा लिया है।
आज सुबह की शुरुआत के साथ हमारी टीमों ने एक क्षैतिज ड्रिलिंग अभियान शुरू किया और तीसरे श्रमिक को ढूंढा जिसके बारे में हम मान रहे हैं कि वह वहीं कहीं मलबे में फंसा है। डीजी ने साथ ही कहा कि वह अभी भी एनडीआरएफ बचाव टीम से संपर्क में हैं। शुरुआती खबरों से पता चला है कि बचाए गए लोग काफी कमजोर हो गए हैं, लेकिन वह बातचीत कर रहे हैं। 12 सितंबर को बिलासपुर के पास किरतपुर-नेरचौक चार लेन परियोजना की सुरंग संख्या चार के भीतर तीनों कामगार फंस गए थे ।
नई दिल्ली से बचाव अभियान की निगरानी कर रहे एनडीआरएफ के महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि वहां से निकाले गए दो श्रमिकों की पहचान मणि राम और सतीश तोमर के तौर पर हुई है। हालांकि तीसरे श्रमिक हृदय राम से संपर्क नहीं हो पाया है। सिंह ने कहा कि एक सप्ताह से ज्यादा समय से सुरंग में फंसे तीन श्रमिकों में से दो को हमने बचा लिया है।
आज सुबह की शुरुआत के साथ हमारी टीमों ने एक क्षैतिज ड्रिलिंग अभियान शुरू किया और तीसरे श्रमिक को ढूंढा जिसके बारे में हम मान रहे हैं कि वह वहीं कहीं मलबे में फंसा है। डीजी ने साथ ही कहा कि वह अभी भी एनडीआरएफ बचाव टीम से संपर्क में हैं। शुरुआती खबरों से पता चला है कि बचाए गए लोग काफी कमजोर हो गए हैं, लेकिन वह बातचीत कर रहे हैं। 12 सितंबर को बिलासपुर के पास किरतपुर-नेरचौक चार लेन परियोजना की सुरंग संख्या चार के भीतर तीनों कामगार फंस गए थे ।

