'हिंदू पहचान के बगैर नेपाल की कल्पना ही निरर्थक'
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नई दिल्ली। नेपाल में बरसों के राजनैतिक उथल-पुथल और हिंसक संघर्षों के बाद नेपाल में नया संविधान तो लागू हो गया लेकिन इसके विरोध में बवाल जारी है। नेपाल में नया संविधान लागू होने के बाद वहां हिंसा और उपद्रव के हालात बने हुए हैं। हालात ये है कि विरोध प्रदर्शन के चलते नेपाल के लगभग 14 जिलों में कर्फ्यू लगा है जबकि दंगे से करीब 8 जिले प्रभावित हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पुलिस की तैनाती की गई है।
इसे लेकर भारत में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यानाथ ने भी संविधान पर सवाल उठाए हैं। योगी ने ट्वीट किया, हिंदू पहचान के बगैर नेपाल की कल्पना ही निरर्थक है।
हिंदू पहचान के बगैर नेपाल की कल्पना ही निर्थक है। 8 वर्ष के बाद नेपाल में लागू किया गया संविधान एक आत्माविहीन संविधान है।
— Yogi Adityanath (@yogi_adityanath) September 22, 2015
हिन्दू पहचान समाप्त करके नेपाल के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती। https://t.co/2xMbkEzv5K
— Yogi Adityanath (@yogi_adityanath) September 22, 2015
रविवार को नेपाल का संविधान लागू होने के बाद से नेपाल के मधेसी और थारू समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक नेपाल के नए संविधान से भारत सरकार भी चिंतित है। भारत सरकार ने उम्मीद जताई है कि बातचीत के जरिए नेपाल में हिंसामुक्त माहौल बनेगा। गौरतलब है कि सात साल की मशक्कत के बाद नेपाल का संविधान बना है। इसमें कहा गया है कि 2 करोड़ 80 लाख की आबादी वाले नेपाल को सात राज्यों वाले धर्मनिरपेक्ष गणराज्य के तौर पर जाना जाएगा ।
इसे लेकर भारत में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यानाथ ने भी संविधान पर सवाल उठाए हैं। योगी ने ट्वीट किया, हिंदू पहचान के बगैर नेपाल की कल्पना ही निरर्थक है।
हिंदू पहचान के बगैर नेपाल की कल्पना ही निर्थक है। 8 वर्ष के बाद नेपाल में लागू किया गया संविधान एक आत्माविहीन संविधान है।
— Yogi Adityanath (@yogi_adityanath) September 22, 2015
हिन्दू पहचान समाप्त करके नेपाल के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती। https://t.co/2xMbkEzv5K
— Yogi Adityanath (@yogi_adityanath) September 22, 2015
रविवार को नेपाल का संविधान लागू होने के बाद से नेपाल के मधेसी और थारू समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक नेपाल के नए संविधान से भारत सरकार भी चिंतित है। भारत सरकार ने उम्मीद जताई है कि बातचीत के जरिए नेपाल में हिंसामुक्त माहौल बनेगा। गौरतलब है कि सात साल की मशक्कत के बाद नेपाल का संविधान बना है। इसमें कहा गया है कि 2 करोड़ 80 लाख की आबादी वाले नेपाल को सात राज्यों वाले धर्मनिरपेक्ष गणराज्य के तौर पर जाना जाएगा ।

