aajtaktimes

UP :- कन्नौज जिले में नर्सिंग होम बने मौत के सौदागर !

नित्य मिश्रा
कन्नौज । जिले में प्राइवेट नर्सिंग होमो में प्रसव के लिए भर्ती होने वाली महिलाओ व बच्चो की मौतों का शिलशिला थमने का नाम नही ले रहा है बीते दस दिनों में तीन अलग अलग नर्सिंग होम में डाक्टर व नर्सिंग होम स्टाफ की लापरवाही से तीन महिला व दो बच्चो की मौत हो चुकी है। बावजूद जिले का स्वास्थय विभाग मौन बैठा हुवा है। स्वास्थ्य विभाग की मौनता के कारण आज एक और महिला व बच्चे की मौत हो गयी। घटना सदर कोतवाली स्थित अर्शी नर्सिंग होम की है जहाँ गर्भवती महिला के गलत इंजेक्शन लगा देने से हुई मौत के बाद नाराज परिजनों ने जमकर हंगामा काटा।  हंगामा की खबर जानकर पहुंची पुलिस ने नाराज परिजनों को समझाने के बहुत कोशिश की लेकिन नाराज लोगो ने शव को नर्सिंग होम से उठने नही दिया।  मृतका के परिजनों की माने रीता को प्रसव पीड़ा होने पर 24 सितम्बर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था वहां देर रात रीता के पेट में दर्द होने के बाद वहां मौजूद डाक्टर ने अल्ट्रा साउंड कराने के लिए जिला अस्पताल के पास अर्शी हॉस्पिटल भेज दिया। अर्शी अस्पताल में अल्ट्रा साउंड कराने तक रीता की हालत ठीक थी। अर्शी अस्पताल में डाक्टरों ने रीता के परिजनों पर दबाव बनाकर उसके भर्ती कर लिया और फिर उसके गलत इंजेक्शन लगा दिया जिससे कुछ ही देर में रीता की मौत हो गयी। जबकि नर्सिंग होम के मालिक डॉ मुशीर अहमद का कहना था कि मृतक के परिजनों द्वारा लगाये जा रहे आरोप गलत है मरीज पहले से ही जहर खा कर आया था उसके कारण उसकी मौत हुयी है।  फिलहाल पुरे घटना क्रम में पुलिस लीपापोती करने में जुटी रही। कन्नौज जिले में स्वास्थय विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से दिन प्रतिदिन मौत के अस्पतालों का कारोबार बढ़ता ही जा रहा है। ये मौत के अस्पताल लोगो को बेहतर इलाज देने के नाम पर मोटी रकम वसूलते है और आखिर में उन्हें मौत की नींद सुला देते है। हैरान करने वाली बात यह कि इसमें अधिकांश अस्पतालों को स्वास्थय से लाइसेंस प्राप्त नही है लेकिन बावजूद खुलेआम धड़ल्ले से ये मौत के अस्पताल मौत बाट रहे है। कन्नौज जिले में पिछले 10 दिनों  में नर्सिंग होम में डाक्टर की लापरवाही से दो  बच्चे और तीन महिलाओ की मौत हो चुकी है। पहली घटना 12 सितम्बर की है सदर कोतवाली स्तिथ साई नर्सिंग होम में जिला अस्पताल में तैनात सरकारी डाक्टर संदीप कुमार ने गर्भवती महिला का आपरेसन किया था जिसमे खून न चढ़ाने पर महिला की मौत हो गयी थी। मौत के बाद नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा था बढ़ते दबाव के चलते मामले में पुलिस ने हल्की धाराओ में मुकदमा लिख दिया लेकिन सरकारी डाक्टर पर कोई भी विभागीय कार्यवाही नही हुई। तीसरी घटना 25 सितम्बर को हुयी यहाँ अर्शी नर्सिंग होम के मालिक डॉ मुशीर ने जबरन मृतक रीता को भर्ती कर लिया और एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाकर रीता व उसके होने वाले बच्चे को मौत की नींद सुला दिया।  सूबे के  स्वास्थय मंत्री का सख्त आदेश है की कोई डाक्टर प्राइवेट नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करते हुए मिल गया तो कार्यवाही होगी। लेकिन यहाँ पुलिस द्वारा मुकदमा लिखे जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हुई। दूसरी घटना 19 सितम्बर को हुयी यहाँ राजकीय मेडिकल कालेज से चंद मीटर की दुरी पर बिना लाइसेंस चल रहे स्वाति नर्सिंग होम में गर्भवती महिला की वार्ड बॉय ने आपरेशन कर दिया जिससे माँ बच्चे दोनों की मौत हो गयी। मौत के बाद यहाँ भी लोगो ने हंगामा काटा रोड जाम किया पुलिस ने हत्या की धाराओ में मुकदमा हुवा पुलिस ने नर्सिंग होम में ताला डाल दिया। लेकिन स्वाति नर्सिंग होम के बाहर लगे डाक्टरों के बोर्ड पर लिखे नामो पर कोई कार्यवाही नहीं हुयी जबकि एक बोर्ड में एक नाम डॉ कोशी वैस्य लिखा जो सरकारी डाक्टर नितिन वैस्य की पत्नी है। मृतक के परिजनों की माने तो सरकारी डाक्टरों ने इसे धंधा बना लिया है इन डाक्टरों का इन नर्सिंग होमो में कमीशन सेट है। स्वाति नर्सिंग होम के पीड़ित अपने मरीज को पहले राजकीय मेडिकल कालेज ले गए थे लेकिन वहां के डाक्टर ने संसाधन न होने के कारण पास के नर्सिंग होम में भेज दिया। नाराज परिजनों ने इस गोरखधंदे को रोकने के लिए मुख्यमंत्री से मांग की है।  पुलिस ने सुचना मिलते ही मौके पर जाकर नर्सिंग में ताला डाल दिया और नर्सिंग होम के बाहर लगे बोर्ड में लिखे डाक्टर कोशी वैश्य डाक्टर वी पी सिंह डाक्टर किरण गुप्ता व डाक्टर पी सी दीक्षित पर आई पी की सी की धारा  302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। वही जनपद के जिलाधिकारी ने भी मामले को सज्ञान में लेते हुए ऐसे नर्सिंग होम के खिलाफ छापेमारी की बात कही। उंन्होने कहा की इस तरह के धंधे को जिले में कतई नही चलने दिया जायेगा। कन्नौज जिले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तो अपनी नजर रखते ही है साथ ही इस जिले के प्रभारी मंत्री खुद सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन है। लेकिन बावजूद यहाँ की स्वास्थय सेवाएं सुधरने का नाम नही ले रही। जिले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और राजकीय मेडिकल कालेज व सरकारी अस्पताल में तैनात डाक्टर की मिली भगत से प्राइवेट नर्सिंग होमं में मौत का धंधा चरम पर है। यहाँ सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिला का प्रसव सरकारी अस्पताल में कर उन्हें अपने कमीसन वाले नर्सिंग होम में यह कहकर भेज देते है की यहाँ संसाधन की कमी है। अब सवाल ये उठता है लगातार हुई दो घटनाओ के बाद भी जिले का स्वास्थ्य महकमा कार्यवाही के नाम पर चुप है स्वास्थ्य महकमे की चुप्पी इस बात की ओर इशारा कर रही की मोटी रकम देने वालो पर आखिर कार्यवाही कैसे की।  अब ऐसे में सूबे के मुख्यमंत्री को इस मामले में हस्त क्षेप कर बड़े स्तर पर जांच बैठानी चाहिए जिससे जिले में पनप रहे इस मौत के कारोबार को रोका जा सके।
गर्भवती रीता की मौत ने जिला अस्पताल प्रसासन पर भी सवाल खड़े कर दिए है क्या जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा नही थी अगर थी तो फिर रीता को जिलाअस्पताल के डाक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए प्राइवेट नर्सिंग होम क्यों भेज दिया।  सवाल गंभीर है लेकिन कन्नौज जिले के स्वास्थय महकमे के अधिकारी मौन है ।

Related

UP 1650795209809715948

Post a Comment

emo-but-icon

Recent

Comments

item