मेट्रो में चल रहे तो बच्चों वाली इन महिलाओं से जरा बचके !
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नई दिल्ली। दिल्ली की बसों में सामान चोरी होने की तो आए दिन किस्से आते हैं। लेकिन मेट्रो में आप खुद को महफूज मानते होंगे। दरअसल आप की यह सोच गलत है। मेट्रो में भी चोरी की कई वारदातें हो रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी की वारदातों को अंजाम देने में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं कहीं आगे हैं। CISF ने एक रिपोर्ट बनाई है, जिसके मुताबिक इस साल दिल्ली मेट्रो में जेबतराशी के अपराध को अंजाम देने वाले संदिग्धों में 93 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं थीं। यानि दिल्ली मेट्रों में कई चोरनियां हैं, जिनसे आपको बचने की जरूरत है।
जनवरी-सितंबर के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के तैयार किये गए आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की त्वरित रेल परिवहन व्यवस्था में जेबतराशी जैसी घटनाओं के लिए 13 पुरूषों की अपेक्षा कुल 182 महिलाएं पकड़ी गयीं। दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीआईएसएफ ने इस दौरान 45 घटनाएं दर्ज कीं, जिसके बाद कानून के मुताबिक कार्रवाई के लिए इन लोगों को मेट्रो प्रशासन और दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया। आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ साल से इन अपराधों में संलिप्त महिलाओं की संख्या ज्यादा देखने को मिल रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ साल से दिल्ली मेट्रो में महिला जेबतराशों की संख्या बढ़ी है। 2015 के शुरुआती नौ महीने में इनकी हिस्सेदारी करीब 93 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि साजिश के तहत बच्चे या शिशु को साथ ले जा रही ये महिलाएं अपने इरादों को जाहिर नहीं होने देती और यात्रियों की, चाहे वह महिला हो या पुरूष, उनका पर्स या अन्य महंगी चीजों पर हाथ साफ करने की फिराक में रहती हैं। पिछले साल दिल्ली मेट्रो में 300 से ज्यादा महिलाएं पकड़ी गईं, जो इन अपराधों का 94 प्रतिशत है। 2013 में कुल 466 जेबकतरे पकड़े गए, जिसमें 421 महिलाएं थी और बाकी पुरुष।

