मजलिस : हज़रत सकीना ने यज़ीदी ज़ुल्म को दुनिया के सामने किया आम : मौलाना सफ़दर
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जौनपुर । रविवार 18 मोहर्रम को सदरुद्दीनपुर रन्नो के इमाम बारगाह में बन्दे हसन खान मरहूम के पुत्र कैसर और मौलाना मुनव्वर की जानिब से हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की बेटी जनाबे सकीना की याद में क़दीमी जुलुस की मजलिस को ख़िताब करते हुए प्रसिद्ध धर्म गुरु मौलाना सफ़दर हुसैन ज़ैदी ने कहा की आज दुनिया में ज़्यादा से ज़्यादा अक्ल और इल्म इस्तमाल करने की ज़रूरत है । इसलिए की हमारी निगाह में पैसे की कीमत ज़्यादा है और अक्ल की रौशनी की कीमत कम है । अगर हम अक्ल की रौशनी में ज़िन्दगी गुज़ारे तो अमन और चैन के साथ ज़िन्दगी गुज़रेगी । और किसी भी तरह का इख़्तिलाफ़ और टकराव नहीं हो सकता । मौलाना ज़ैदी ने मसाएब ब्यान करते हुए कहा की यज़ीदी फौजो ने इमाम हुसैन की 4 साल की बेटी हज़रत सकीना को प्यासा और भूखा रखा और बेदर्दी से तमांचे और कोड़े लगाते थे । कर्बला से सीरिया में लाकर कैदखाने में कैद कर दिया । काफी दिनों तक खाना पानी न मिलने की वजह से ये बच्ची कैदखाने में शहीद हो गयी । और हमेशा के लिए यज़ीदी ज़ुल्म को दुनिया के सामने आम कर दिया । मजलिस के बाद शबिहे ताबूत हज़रत सकीना बरामद हुआ जिसके हमराह मातमी अंजुमनों ने नौहा व् मातम किया । इस मौके पर नज़रे अब्बास खान, इम्तियाज़ खान , इकबाल खान , मौलाना फज़ले मुमताज़ खान , मौलाना बाकर रज़ा खान आसिफ ,मुम्बई से आये सुप्रसिद्ध मौलाना हसन अब्बास तरन्नुम ,रिज़वान बी डी सी आदि के साथ भारी संख्या में अज़ादारो का हुजूम मौजूद रहा ।

