पत्रकार ने 4.28 करोड रुपए में खरीद लिया दाऊद का होटल 'दिल्ली जायका
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अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की संपत्ति की नीलामी में पहली बाजी पत्रकार एस बालाकृष्णन के हाथ रही। पत्रकार और ऐक्टिविस्ट बालाकृष्णन ने बुधवार को शुरू हुई नीलामी में दाऊद के होटल 'दिल्ली जायका' की बोली 4 करोड़ 28 लाख रुपए लगाई। इस तरह दाऊद का ये सीज होटल अब बालाकृष्णन के नाम हो गया।
कुछ दिनों पहले ही पत्रकार ने आरोप लगाया था कि दाऊद की संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने की वजह से उन्हें धमकियां दी गई थीं। दाऊद के करीबी छोटा शकील ने उन्हें फोन पर धमकाया था। छोटा शकील ने उन्हें नीलामी में हिस्सा लेने से मना किया था।
दाऊद की संपत्ति की नीलामी कोलाबा के होटल 'डिप्लोमैट' में हुई। दाऊद के 'दिल्ली जायका' की नीलामी एक करोड़ 18 लाख रुपए से शुरू हुई।
बालकृष्णन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने होटल के लिए 4 करोड़ 28 लाख रुपए की बोली लगाई, जो सबसे अधिक रही। इससे पहले किसी दूसरे बोलीकर्ता (बुरहड्ड) ने 4 करोड़ 27 लाख रुपए की बोली लगाई थी। तब बालकृष्णन ने एक लाख रुपए अधिक की बोली लगाई।
उन्होंने बताया कि दाऊद की 7 और संपत्तियों की नीलामी की गई। उन्होंने बताया कि 30 लाख रुपए तो तत्काल जमा करा दिए गए हैं। बाकी के पैसे एक महीने के भीतर जमा किए जाएंगे। दाऊद ने भारत छोड़ने के साथ ही यहां करोड़ों की प्रॉपर्टी छोड़ी थी। इसकी कीमत समय के साथ बढ़ती चली गई।
पत्रकार और ऐक्टिविस्ट बालकृष्णन एक एनजीओ चलाते हैं। उन्होंने नीलामी से पहले कहा था कि वे इस जगह पर गरीबों के लिए एक एजुकेशन सेंटर बनाना चाहते हैं।
दाऊद की संपत्ति की नीलामी कोलाबा के होटल 'डिप्लोमैट' में हुई। दाऊद के 'दिल्ली जायका' की नीलामी एक करोड़ 18 लाख रुपए से शुरू हुई।
बालकृष्णन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने होटल के लिए 4 करोड़ 28 लाख रुपए की बोली लगाई, जो सबसे अधिक रही। इससे पहले किसी दूसरे बोलीकर्ता (बुरहड्ड) ने 4 करोड़ 27 लाख रुपए की बोली लगाई थी। तब बालकृष्णन ने एक लाख रुपए अधिक की बोली लगाई।
उन्होंने बताया कि दाऊद की 7 और संपत्तियों की नीलामी की गई। उन्होंने बताया कि 30 लाख रुपए तो तत्काल जमा करा दिए गए हैं। बाकी के पैसे एक महीने के भीतर जमा किए जाएंगे। दाऊद ने भारत छोड़ने के साथ ही यहां करोड़ों की प्रॉपर्टी छोड़ी थी। इसकी कीमत समय के साथ बढ़ती चली गई।
पत्रकार और ऐक्टिविस्ट बालकृष्णन एक एनजीओ चलाते हैं। उन्होंने नीलामी से पहले कहा था कि वे इस जगह पर गरीबों के लिए एक एजुकेशन सेंटर बनाना चाहते हैं।

