रिटायर्ड सिपाही की मौत पिटाई से नहीं, बल्कि बीमारी से हुई
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जिला कारागार में बंद मृतक की पत्नी आशा ने दिया बयान
जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के मड़ैया गांव निवासी अवकाशप्राप्त सिपाही फौजदार चौहान की बीते शनिवार को हुई मौत पर जहां पुलिस पर आरोप-प्रत्यारोप लगाये जा रहे हैं, वहीं मृतक की पत्नी के बयान में वास्तविकता कुछ और निकली। महिला के अनुसार उसके पति की मौत बीमारी से हुई है जबकि अभी भी क्षेत्रीय लोगों सहित जनपदवासियों को यह बात गले के नीचे नहीं उतर रही है कि अवकाशप्राप्त सिपाही की मौत बीमारी से हुई है। मालूम हो कि बीते 1 दिसम्बर को मतदान के दौरान हुये बवाल में पुलिस सही अभियुक्तों को न पकड़कर निर्दोष महिलाओं, वृद्धों को पकड़कर जेल भेज रही है। इसी में अवकाशप्राप्त सिपाही फौजदार चौहान की पत्नी आशा देवी को पकड़कर जेल भेज दिया गया जबकि उसके दोनों पुत्र पुलिस के डर से घर से फरार चल रहे हैं। इधर बीते 31 मई को चंदौली पुलिस विभाग से अवकाशप्राप्त सिपाही फौजदार जो काफी दिनों से बीमार चल रहे थे, की बीते शनिवार को उपचार एवं दवा के अभाव में मौत हो गयी। इसी को लेकर काफी हो-हल्ला मचने लगा जिस पर पुलिस की किरकिरी भी शुरू हो गयी। फिलहाल रविवार को जेल में बंद आशा देवी ने अधिवक्ता के माध्यम से बताया कि उसके पति की मौत पुलिस पिटाई से नहीं, बल्कि बीमारी से हुई है। इसी के साथ पीड़िता ने अधिवक्ता के माध्यम से जिलाधिकारी से पेरोल पर रिहाई की मांग की है, ताकि वह अपने पति के अंतिम संस्कार में शामिल हो सके।
जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के मड़ैया गांव निवासी अवकाशप्राप्त सिपाही फौजदार चौहान की बीते शनिवार को हुई मौत पर जहां पुलिस पर आरोप-प्रत्यारोप लगाये जा रहे हैं, वहीं मृतक की पत्नी के बयान में वास्तविकता कुछ और निकली। महिला के अनुसार उसके पति की मौत बीमारी से हुई है जबकि अभी भी क्षेत्रीय लोगों सहित जनपदवासियों को यह बात गले के नीचे नहीं उतर रही है कि अवकाशप्राप्त सिपाही की मौत बीमारी से हुई है। मालूम हो कि बीते 1 दिसम्बर को मतदान के दौरान हुये बवाल में पुलिस सही अभियुक्तों को न पकड़कर निर्दोष महिलाओं, वृद्धों को पकड़कर जेल भेज रही है। इसी में अवकाशप्राप्त सिपाही फौजदार चौहान की पत्नी आशा देवी को पकड़कर जेल भेज दिया गया जबकि उसके दोनों पुत्र पुलिस के डर से घर से फरार चल रहे हैं। इधर बीते 31 मई को चंदौली पुलिस विभाग से अवकाशप्राप्त सिपाही फौजदार जो काफी दिनों से बीमार चल रहे थे, की बीते शनिवार को उपचार एवं दवा के अभाव में मौत हो गयी। इसी को लेकर काफी हो-हल्ला मचने लगा जिस पर पुलिस की किरकिरी भी शुरू हो गयी। फिलहाल रविवार को जेल में बंद आशा देवी ने अधिवक्ता के माध्यम से बताया कि उसके पति की मौत पुलिस पिटाई से नहीं, बल्कि बीमारी से हुई है। इसी के साथ पीड़िता ने अधिवक्ता के माध्यम से जिलाधिकारी से पेरोल पर रिहाई की मांग की है, ताकि वह अपने पति के अंतिम संस्कार में शामिल हो सके।

