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योग गुरू अचल हरिमूर्ति ने छात्राओं को बतायीं बारीकियां

जौनपुर । भारत की प्राचीनतम विद्या योग के क्रियात्मक व सैद्धांतिक अभ्यासों को बचपन से ही कराकर बालिकाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को उत्तम बनाते हुये उनके जीवन कौशल को उच्चतम शिखर तक पहुंचाया जा सकता है। उक्त बातें पतंजलि योग समिति व भारत स्वाभिमान के तत्वावधान में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय महाराजगंज में अध्ययनरत बालिकाओं को दिये जा रहे योग प्रशिक्षण शिविर में खण्ड शिक्षा अधिकारी गुलाब चन्द्र ने कही। बालिकाओं को योग के क्रियात्मक व सैद्धांतिक पक्षों का अभ्यास पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी अचल हरिमूर्ति द्वारा कराया गया जिसमें बालिकाओं को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिये योगिक जागिंग, सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, मकरासन, भुजंगासन, मर्कटासन, शलभासनों सहित भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, वाह्य प्राणायाम, अग्निसार, नौलिक्रिया, उज्जयी, भ्रामरी व उद्गीथ प्राणायामों के साथ योग निद्रा व ध्यान की विशेष प्रक्रिया का अभ्यास कराते हुये उनसे मनःस्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों को भी बताया गया। इस अवसर पर विद्यालय की वार्डेन अनीता यादव, राजमति, मंजू देवी, प्रतिभा सिंह, रश्मि यादव, तिलकधारी मौर्य आदि मौजूद रहे।

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