सऊदी अरब में एक और शिया धर्मगुरू नज़रबंद
https://husainijnp.blogspot.com/2016/02/blog-post_124.html
सऊदी अरब की सरकार ने अलएहसा क्षेत्र के इमाम जुमा को उनके घर पर नज़रबंद कर दिया है।
प्राप्त समाचारों के अनुसार यह क़दम सऊदी शासन ने इस भय से उठाया है कि आयतुल्लाह शहीद बाक़िर निम्र के चेहलुम के अवसर पर अलएहसा के इमामे जुमा कोई भाषण न दे दें जिससे स्थिति अधिक जटिल हो जाए।
इससे पहले हुसैन अर्राज़ी ने आयतुल्लाह शहीद बाक़िर निम्र के चेहलुम के अवसर पर शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की थी।
अलएहसा के राजनीतिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सऊदी सुरक्षा बलों ने अलएहसा के इमामे जुमा हुसैन अर्राज़ी को उनके घर में केवल इसलिए नज़रबंद कर दिया ताकि उनको जुमे की नमाज़ में दिए जाने वाले भाषण से रोका जा सके।
उल्लेखनीय है कि अलएहसा के इमामे जुमा हुसैन अर्राज़ी ने हाल ही में सऊदी अरब के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू शहीद आयतुल्लाह शेख़ बाक़िर निम्र को दी गई मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ आले सऊद शासन के इस क़दम की निंदा करते हुए कहा था कि सऊदी सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को क़ैद करके उन्हें मौत की सज़ा देती है।
ज्ञात रहे कि सऊदी सरकार ने दो जनवरी 2016 को सऊदी अरब के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू आयतुल्लाह शेख़ बाक़िर निम्र को बड़ी बेरहमी के साथ उनका सिर काट कर शहीद कर दिया था। सऊदी शासन के इस बर्बरतापूर्ण क़दम की पूरी दुनिया और विशेषकर इस्लामी गणतंत्र ईरान ने कड़े शब्दों में निंदा की थी।
राजनैतिक टीकाकारों का कहना है कि सऊदी अरब के शिया मुसलमानों पर आले सऊद सरकार के हिंसक और क्रूर रवैये से देश के पूर्वी क्षेत्रों की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।
प्राप्त समाचारों के अनुसार यह क़दम सऊदी शासन ने इस भय से उठाया है कि आयतुल्लाह शहीद बाक़िर निम्र के चेहलुम के अवसर पर अलएहसा के इमामे जुमा कोई भाषण न दे दें जिससे स्थिति अधिक जटिल हो जाए।
इससे पहले हुसैन अर्राज़ी ने आयतुल्लाह शहीद बाक़िर निम्र के चेहलुम के अवसर पर शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की थी।
अलएहसा के राजनीतिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सऊदी सुरक्षा बलों ने अलएहसा के इमामे जुमा हुसैन अर्राज़ी को उनके घर में केवल इसलिए नज़रबंद कर दिया ताकि उनको जुमे की नमाज़ में दिए जाने वाले भाषण से रोका जा सके।
उल्लेखनीय है कि अलएहसा के इमामे जुमा हुसैन अर्राज़ी ने हाल ही में सऊदी अरब के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू शहीद आयतुल्लाह शेख़ बाक़िर निम्र को दी गई मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ आले सऊद शासन के इस क़दम की निंदा करते हुए कहा था कि सऊदी सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को क़ैद करके उन्हें मौत की सज़ा देती है।
ज्ञात रहे कि सऊदी सरकार ने दो जनवरी 2016 को सऊदी अरब के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू आयतुल्लाह शेख़ बाक़िर निम्र को बड़ी बेरहमी के साथ उनका सिर काट कर शहीद कर दिया था। सऊदी शासन के इस बर्बरतापूर्ण क़दम की पूरी दुनिया और विशेषकर इस्लामी गणतंत्र ईरान ने कड़े शब्दों में निंदा की थी।
राजनैतिक टीकाकारों का कहना है कि सऊदी अरब के शिया मुसलमानों पर आले सऊद सरकार के हिंसक और क्रूर रवैये से देश के पूर्वी क्षेत्रों की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।

