दबंग कोटेदारों के चलते खाद्यान्न पाने से वंचित हैं गरीब कार्डधारक
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जौनपुर। कोटेदार की दबंगई के चलते वीपीएल कार्डधारक एक वर्ष से खाद्यान्न पाने से पूरी तरह से वंचित होकर भुखमरी की प्रताड़ना सहने को मजबूर हैं जिसकी तरफ किसी भी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार केराकत तहसील क्षेत्र के मुफ्तीगंज विकास खण्ड के ग्रामसभा भोगीपट्टी निवासी गरीब मोहर का राशन कार्ड वीपीएल है लेकिन सरकारी सस्ते गल्ले की दबंग दुकानदार द्वारा एक साल से कोई भी खाद्यान्न व मिट्टी का तेल उसे नहीं दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार शासन सत्ता के कुछ नेताओं का संरक्षण प्राप्त होने के साथ क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक का भी उसे पूर्ण संरक्षण प्राप्त है जिसके चलते उसके द्वारा सभी नियम व कानून को ताख पर रखकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था की धज्जियां उड़ाया जा रहा है। इस सम्बन्ध में पीड़ित कार्डधारक द्वारा तहसील दिवस में कई बार शिकायत की गयी लेकिन इसके बाद भी केवल नक्कारखाने में तूती की आवाज ही साबित हो रही है। यह रही स्थिति सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था जो दुकानदार व पूर्ति विभाग की मिलीभगत के चलते भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद गरीब व मजदूर तबके के लोगों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था का लाभ पूरी तरह से नहीं मिल पा रहा है। वहीं कोटेदार गरीबों का निवाला कालाबाजारी में खुलेआम बेचकर मालामाल होकर चैन की बासुरी बजा रहे हैं। इसी तरह से केराकत विकास खण्ड के ग्रामसभा नरहन निवासी शान्ति देवी पत्नी स्व. मोती के पास अन्त्योदय राशन कार्ड है लेकिन 15 साल से वह सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुविधा प्राप्त करने में वंचित है।

