सत्संग से दूर होता है मनुष्य के मन का संशयः मानस दिनकर
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जौनपुर। सत्संग करने से मनुष्य के मन का हर प्रकार का संशय दूर होता है। पार्वती ने शिव के साथ सत्संग करके अपने संशम को दूर किया था। भगवान के श्रीलंका से अयोध्या वापस आने पर शिव जी ने भगवान श्रीराम से सत्संग का वरदान मांगा था। उक्त विचार नगर पालिका परिषद के टाउन हाल के मैदान पर मानस प्रचारिणी सभा के तत्वावधान में आयोजित छः दिवसीय रामकथा में प्रवचन करते हुये पं. दिनेश मिश्र मानस दिनकर ने व्यक्त किया। इसी क्रम में प्रकाश चन्द्र पाण्डेय ने पुष्प वाटिका प्रसंग का मनोहारी चित्रण प्रस्तुत करते हुये कहा कि प्रभु श्रीराम अपने भक्तों को भक्ति का प्रसाद प्रदान करने के लिये ऐसे प्रसंग पैदा करते हैं। धर्मराज शास्त्री ने कहा कि मनुष्य हनुमान जी की भक्ति करके भगवान का अत्यन्त प्रिय हो सकता है। इसके पहले कार्यक्रम का शुभारम्भ नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टण्डन ने भगवान के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कार्यक्रम का संचालन राजाराम त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर प्रो. आरएन त्रिपाठी, शिवानन्द मिश्र, इं. विजय जायसवाल, जगदीश चन्द्र गाढ़ा, अनिल जायसवाल, ईश्वर चन्द्र लाल, श्याम सुन्दर मिंगलानी, राम आसरे साहू, जागेश्वर केसरवानी, महेन्द्र नाथ त्यागी, रमेश चन्द्र, सत्य प्रकाश, ओपी गुप्ता के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।
