कमिश्नर एवं DM का आदेश हुआ बेअसर , दबंग विपक्षियों ने विधवा के निर्माण को किया क्षतिग्रस्त
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जौनपुर। सत्ता पक्ष के संरक्षण व इशारे पर चलने वाले उपजिलाधिकारी केराकत व कोतवाली पुलिस की तानाशाही से दबंगों को खुला समर्थन मिल रहा है जिससे गरीब विधवा आयशा बीबी घर से बेघर हो गयी है। इसको लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार काफी गर्म है। मालूम हो कि स्थानीय क्षेत्र के दयाल टोला निवासी आयशा बीबी के पुश्तैनी मकान पर पड़ोस के ही एक व्यक्ति द्वारा कब्जा कर लिया गया था। इसकी काफी दिन तक शिकायत के बाद बीते 14 मार्च को तहसील दिवस में आये मण्डलायुक्त वाराणसी एवं जिलाधिकारी जौनपुर से भी शिकायत की गयी जिस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुये पूर्व में दिये गये निर्देशों का पालन न करने का कारण पूछा। इस पर उपजिलाधिकारी मूकदर्शक बने रहे जिस पर मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल अवैध कब्जा हटाकर निर्माण कराने का निर्देश दिया। इस पर तहसील प्रशासन ने उसी दिन अवैध कब्जा हटवाकर दीवारों का निर्माण करवा दिया लेकिन इसके दूसरे दिन दबंगों ने विधवा के टीनशेड आदि पर पत्थरबाजी कर क्षतिग्रस्त करते हुये घर में घुसकर महिलाओं सहित परिवार के सभी सदस्यों एवं कार्य कर रहे मजदूरों को मारपीट कर घायल कर दिया। इसकी सूचना उपजिलाधिकारी व कोतवाली पुलिस को दी गयी लेकिन 12 दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं किया। हताश व निराश विधवा ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों का हित करने का स्वांग रचने वाली सपा शासन में एक जनप्रतिनिधि व मंत्री का संरक्षण प्राप्त होने के चलते विरोधियों का हौंसला बुलंद है। ऐसे में कोतवाली पुलिस सहित तहसील प्रशासन पीड़िता की आवाज को पूरी तौर पर अनदेखी करके विरोधियों को खुला संरक्षण दे रही है। ऐसी स्थिति में पीड़िता घर से बेघर होकर खुले आसमान के नीचे भय व आतंक के माहौल में एक-एक दिन बिताने को मजबूर है। बीते 26 मार्च को पीड़िता ने इसकी सूचना प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मण्डलायुक्त वाराणसी, जिलाधिकारी जौनपुर, आरक्षी अधीक्षक को भेजकर न्याय दिलाने और आशियाना बनाने के साथ जानमाल की गुहार लगायी है।

