कन्हैया और उमर को डराने के लिए मेरठ से लेकर आए थे हथियार, तीन गिरफ्तार
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/blog-post_817.html
पुलिस ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष व देशद्रोह के आरोपी कन्हैया और उमर खालिद की हत्या के लिए बस में हथियार रखने के मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा है।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका उद्देश्य कन्हैया व उमर खालिद को डराना था न कि उनकी हत्या करना था। आरोपी मेरठ से पिस्टल व कारतूस लेकर आए थे। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रचार भी पाना चाहते थे।
गौरतलब है कि जेएनयू जाने वाली रूट नंबर 615 की डीटीसी बस में इंडिया गेट के पास पिस्टल व चार कारतूस मिले थे। हथियार बस की पिछली सीट पर नीचे रखे हुए थे। साथ में एक चिट्ठी भी मिली थी।
इसमें कन्हैया व उमर खालिद की हत्या करने की बात कही गई थी। साथ ही यह भी लिखा हुआ था कि हथियार कम हैं इसलिए समझदारी से काम करने का है। निशाना ठीक से लगाना है। पत्र के अंत में अमित जानी नामक शख्स का नाम लिखा हुआ था।
चंद्रभान ने लिखी थी धमकी वाली चिट्ठी
तिलक मार्ग थाना पुलिस ने शुक्रवार को अमित जानी के भाई सौरभ व उसके दोस्त सुलभ को पकड़ लिया था। इसके बाद शनिवार को चंद्रभान पकड़ा गया।
पूछताछ में पता लगा कि आरोपी बस में हथियार रखकर देशद्रोह के आरोपी कन्हैया व उमर खालिद को डराना चाहते थे। दोनों को मारना उनका उद्देश्य नहीं था। इसलिए इन्होंने डीटीसी के वसंत विहार डिपो में बस में हथियार रखे होने की सूचना दी।
सौरभ व सुलभ मेरठ से पिस्टल व कारतूस लाए थे। इन दोनों ने ही बस में इनको रखा था। हथियार के साथ रखी गई चिट्ठी चंद्रभान ने ही लिखी थी।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका उद्देश्य कन्हैया व उमर खालिद को डराना था न कि उनकी हत्या करना था। आरोपी मेरठ से पिस्टल व कारतूस लेकर आए थे। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रचार भी पाना चाहते थे।
गौरतलब है कि जेएनयू जाने वाली रूट नंबर 615 की डीटीसी बस में इंडिया गेट के पास पिस्टल व चार कारतूस मिले थे। हथियार बस की पिछली सीट पर नीचे रखे हुए थे। साथ में एक चिट्ठी भी मिली थी।
इसमें कन्हैया व उमर खालिद की हत्या करने की बात कही गई थी। साथ ही यह भी लिखा हुआ था कि हथियार कम हैं इसलिए समझदारी से काम करने का है। निशाना ठीक से लगाना है। पत्र के अंत में अमित जानी नामक शख्स का नाम लिखा हुआ था।
चंद्रभान ने लिखी थी धमकी वाली चिट्ठी
तिलक मार्ग थाना पुलिस ने शुक्रवार को अमित जानी के भाई सौरभ व उसके दोस्त सुलभ को पकड़ लिया था। इसके बाद शनिवार को चंद्रभान पकड़ा गया।
पूछताछ में पता लगा कि आरोपी बस में हथियार रखकर देशद्रोह के आरोपी कन्हैया व उमर खालिद को डराना चाहते थे। दोनों को मारना उनका उद्देश्य नहीं था। इसलिए इन्होंने डीटीसी के वसंत विहार डिपो में बस में हथियार रखे होने की सूचना दी।
सौरभ व सुलभ मेरठ से पिस्टल व कारतूस लाए थे। इन दोनों ने ही बस में इनको रखा था। हथियार के साथ रखी गई चिट्ठी चंद्रभान ने ही लिखी थी।


