'मछली की सुरक्षा तो कर नहीं सकते मोदी, भला सीमा की रक्षा क्या करेंगे?'
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नई दिल्ली। देश की सीमा की रक्षा करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे को लेकर उन पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सवाल किया कि जब वह भारतीय जलक्षेत्र में विदेशी मछुआरों से मछलियों की सुरक्षा नहीं कर सकते तो भला सीमा की हिफाजत कैसे करेंगे। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक चुनावी रैली में सोनिया ने कहा कि बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस ने मछुआरों की नौकाओं को प्रतिबंधित कर दिया, लेकिन पड़ोसी देशों के मछुआरे सरेआम भारतीय जलक्षेत्र में मछलियां पकड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर सुरक्षा का वादा किया था, लेकिन वह आपकी मछली को बचाने में नाकाम रहे हैं। वह सीमा की रक्षा कैसे करेंगे?
सोनिया ने कहा कि पठानकोट हमला इसका जीवंत उदाहरण है। तटीय इलाकों में रहने वाले गरीब मछुआरों की बात करते हुए सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार मछुआरों को रोजगार से उपेक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हिल्सा (मछली) को यहां से निर्यात किया जाता था, लेकिन अब इसका आयात हो रहा है। हमारी सरकार ने मछुआरों के लिए कई कदम उठाए थे। मोदी सरकार मछुआरों का रोजगार छीनने में दिलचस्पी रखती है।
सोनिया गांधी ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू करार दिया। उन्होंने नरेंद्र मोदी-ममता बनर्जी की 'सांठ-गांठ' को राज्य के साथ-साथ लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया। बंगाल में कई चुनावी जनसभाओं को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कांग्रेस और वाममोर्चा के गठबंधन की सराहना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास के बड़े-बड़े दावों को लेकर दोनों की जमकर आलोचना की।
सोनिया ने कहा कि मोदी जैसे कहते हैं कि 60 साल के शासन में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, सभी विकास कार्य बीजेपी सरकार ने ही किए, ममता भी कहती हैं कि उनके सत्ता में आने से पहले बंगाल में कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि ममता और मोदी की सांठ-गांठ बंगाल के लिए बड़ा खतरा है। ये दो अहंकारी ताकतें लोकतंत्र के लिए भी खतरा हैं। सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार के काम का तरीका हमारे देश के बुनियादी स्वरूप, हमारे धर्मनिरपेक्ष मूल्यों, हमारे लोकतंत्र और हमारे सदियों पुरानी परंपरा को खतरे में डाल रहा है।
सोनिया ने कहा कि पठानकोट हमला इसका जीवंत उदाहरण है। तटीय इलाकों में रहने वाले गरीब मछुआरों की बात करते हुए सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार मछुआरों को रोजगार से उपेक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हिल्सा (मछली) को यहां से निर्यात किया जाता था, लेकिन अब इसका आयात हो रहा है। हमारी सरकार ने मछुआरों के लिए कई कदम उठाए थे। मोदी सरकार मछुआरों का रोजगार छीनने में दिलचस्पी रखती है।
सोनिया गांधी ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू करार दिया। उन्होंने नरेंद्र मोदी-ममता बनर्जी की 'सांठ-गांठ' को राज्य के साथ-साथ लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया। बंगाल में कई चुनावी जनसभाओं को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कांग्रेस और वाममोर्चा के गठबंधन की सराहना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास के बड़े-बड़े दावों को लेकर दोनों की जमकर आलोचना की।
सोनिया ने कहा कि मोदी जैसे कहते हैं कि 60 साल के शासन में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, सभी विकास कार्य बीजेपी सरकार ने ही किए, ममता भी कहती हैं कि उनके सत्ता में आने से पहले बंगाल में कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि ममता और मोदी की सांठ-गांठ बंगाल के लिए बड़ा खतरा है। ये दो अहंकारी ताकतें लोकतंत्र के लिए भी खतरा हैं। सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार के काम का तरीका हमारे देश के बुनियादी स्वरूप, हमारे धर्मनिरपेक्ष मूल्यों, हमारे लोकतंत्र और हमारे सदियों पुरानी परंपरा को खतरे में डाल रहा है।

