UP चुनाव फतह करने के लिए RLD-JDU ने खेला बड़ा दांव !
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बिहार में परचम लहरा चुकी जनता दल यूनाइटेड ने यूपी में चुनाव को देखते हुए अभी से फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है। जनता दल युनाइटेड (जद- यू) प्रमुख शरद यादव ने सोमवार को पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक यूपी चुनाव को देखते हुए जदयू चौधरी अजित सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल के साथ विलय करने जा रही है। इस सिलसिले में दोनों दलों के बीच बातचीत चल रही है। इतना ही नहीं, अजित सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं।
चुनाव नजदीक आते ही सियासी गठजोड़ की शुरुआत हो गई है। ताजा घटनाक्रम में अजित सिंह की पार्टी आरएलडी और जेडीयू जल्द ही विलय कर सकती हैं। शरद यादव के जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष पद छोड़ने के फैसले को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। शरद एक दशक से भी अधिक समय तक पार्टी अध्यक्ष रहे। वर्ष 2003 में जब पार्टी का गठन हुआ, उसके बाद से शरद यादव लगातार तीन बार पार्टी प्रमुख रहे।
जदयू प्रवक्ता के. सी. त्यागी ने कहा कि शरद यादव ने पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने का निर्णय लिया है, क्योंकि पार्टी के संविधान में चौथे कार्यकाल का कोई प्रावधान नहीं है। त्यागी ने कहा कि इससे पहले यादव को तीसरी बार अध्यक्ष बनाए रखने के लिए पार्टी के नियमों में संशोधन किया गया था, क्योंकि तीसरे कार्यकाल के लिए भी कोई प्रावधान नहीं था।
चुनाव नजदीक आते ही सियासी गठजोड़ की शुरुआत हो गई है। ताजा घटनाक्रम में अजित सिंह की पार्टी आरएलडी और जेडीयू जल्द ही विलय कर सकती हैं। शरद यादव के जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष पद छोड़ने के फैसले को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। शरद एक दशक से भी अधिक समय तक पार्टी अध्यक्ष रहे। वर्ष 2003 में जब पार्टी का गठन हुआ, उसके बाद से शरद यादव लगातार तीन बार पार्टी प्रमुख रहे।
जदयू प्रवक्ता के. सी. त्यागी ने कहा कि शरद यादव ने पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने का निर्णय लिया है, क्योंकि पार्टी के संविधान में चौथे कार्यकाल का कोई प्रावधान नहीं है। त्यागी ने कहा कि इससे पहले यादव को तीसरी बार अध्यक्ष बनाए रखने के लिए पार्टी के नियमों में संशोधन किया गया था, क्योंकि तीसरे कार्यकाल के लिए भी कोई प्रावधान नहीं था।

