ये है दुनिया का सबसे बड़ा प्लेन, 10 टैंक अपने 'पेट' में रख हवा में लगाता है गोते
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नई दिल्ली: दुनिया का सबसे बड़ा कार्गो प्लेन गुरुवार देर रात हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर उतरा। अपनी पहली कमर्शियल फ्लाइट पर निकला यह कार्गो प्लेन 600 टन वजनी है और एक बार में 640 टन तक का सामान लेजाने में सक्षम है। यह कार्गो प्लेन तुर्कमेनिस्तान से होता हुआ भारत आया है। यहां इसे देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जमा होने लगी है।
प्लेन की खासियतें
यह दुनिया का सबसे बड़ा प्लेन है, इसका विंग एरिया बोइंग 747 से दोगुना है। यह प्लेन एक बार में 10 ब्रिटिश टैंक को ले जा सकता है।यह बिना किसी सामान के 18 घंटे तक नॉन-स्टॉप उड़ सकता है, वह भी बिना रिफ्यूलिंग किये। लंबे समय तक इस कार्गो का इस्तेमाल सोवियत आर्मी द्वारा किया गया था। साथ ही स्पेसशिप ले जाने के लिए इस कार्गो का इस्तेमाल नासा भी कर चुका है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए हुआ रवाना
दुनिया का सबसे बड़ा कार्गो प्लेन 'एन्टोनोव एएन- 225 मिरिया' बुधवार को यूक्रेन के कीव एटरपोर्ट से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुआ और अपनी पहली कमर्शियल फ्लाइट के तहत गुरुवार देर रात को भारत पहुंच चुका है।
करीब 50,000 लोग इसे देखने आएंगे
अपनी इस यात्रा के दौरान यह प्लेन गुरुवार की रात को ही हैदराबाद में राजीव गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट शमसाबाद पर उतरा। यह प्लेन 15 मई को पर्थ पहुंचेगा। यह विमान इसी सप्ताह राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेगा। ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में इसे अनलोड करने में करीब 10 घंटे का वक्त लगेगा, इस दौरान करीब 50,000 लोग इसे देखने आएंगे। हैवी लोड के कारण ईंधन भरवाने के लिए प्लेन तुर्कमेनिस्तान, भारत और मलेशिया में रुकेगा।
प्लेन की खासियतें
यह दुनिया का सबसे बड़ा प्लेन है, इसका विंग एरिया बोइंग 747 से दोगुना है। यह प्लेन एक बार में 10 ब्रिटिश टैंक को ले जा सकता है।यह बिना किसी सामान के 18 घंटे तक नॉन-स्टॉप उड़ सकता है, वह भी बिना रिफ्यूलिंग किये। लंबे समय तक इस कार्गो का इस्तेमाल सोवियत आर्मी द्वारा किया गया था। साथ ही स्पेसशिप ले जाने के लिए इस कार्गो का इस्तेमाल नासा भी कर चुका है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए हुआ रवाना
दुनिया का सबसे बड़ा कार्गो प्लेन 'एन्टोनोव एएन- 225 मिरिया' बुधवार को यूक्रेन के कीव एटरपोर्ट से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हुआ और अपनी पहली कमर्शियल फ्लाइट के तहत गुरुवार देर रात को भारत पहुंच चुका है।
करीब 50,000 लोग इसे देखने आएंगे
अपनी इस यात्रा के दौरान यह प्लेन गुरुवार की रात को ही हैदराबाद में राजीव गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट शमसाबाद पर उतरा। यह प्लेन 15 मई को पर्थ पहुंचेगा। यह विमान इसी सप्ताह राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेगा। ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में इसे अनलोड करने में करीब 10 घंटे का वक्त लगेगा, इस दौरान करीब 50,000 लोग इसे देखने आएंगे। हैवी लोड के कारण ईंधन भरवाने के लिए प्लेन तुर्कमेनिस्तान, भारत और मलेशिया में रुकेगा।


