कुर्मी वोट पर सपा की नज़र
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तालिब ज़ैदी
समाजवादी पार्टी की नजर कुर्मी वोट बैंक पर भी है। बेनी प्रसाद वर्मा का बाराबंकी के साथ ही बहराइच तथा पास के क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है। बेनी प्रसाद वर्मा कुर्मी जाती से आते हैं। वह पूर्वांचल की 25-40 सीटों पर प्रभाव डाल सकते हैं। उनकी सपा में वापसी पर हर सीट पर लगभग 5-10 हजार वोटों का फर्क पड़ेगा। बेनी प्रसाद वर्मा की उम्र भी काफी हो चुकी है। अब वह अपने बेटे राकेश वर्मा को राजनीति में स्थापित भी करना चाहते हैं। राकेश सपा सरकार में कारागार मंत्री रह चुके हैं। जब अखिलेश मंत्रिपरिषद में बदलाव की अटकलें तेज हैं तो बेनी ïबेटे के लिए मंत्री पद की डिमांड भी कर सकते हैं। इसके लिए जुलाई में होने वाले एमएलसी चुनावों के जरिये कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी बेनी प्रसाद वर्मा को राज्यसभा में भेजकर उनके कद का लाभ ले। समाजवादी पार्टी 2017 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर कदम फूंक कर रख रही है। बेनी को राज्यसभा भेजने की तैयारी की बड़ी वजह कुर्मी वोट बैंक भी है।
समाजवादी पार्टी की नजर कुर्मी वोट बैंक पर भी है। बेनी प्रसाद वर्मा का बाराबंकी के साथ ही बहराइच तथा पास के क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है। बेनी प्रसाद वर्मा कुर्मी जाती से आते हैं। वह पूर्वांचल की 25-40 सीटों पर प्रभाव डाल सकते हैं। उनकी सपा में वापसी पर हर सीट पर लगभग 5-10 हजार वोटों का फर्क पड़ेगा। बेनी प्रसाद वर्मा की उम्र भी काफी हो चुकी है। अब वह अपने बेटे राकेश वर्मा को राजनीति में स्थापित भी करना चाहते हैं। राकेश सपा सरकार में कारागार मंत्री रह चुके हैं। जब अखिलेश मंत्रिपरिषद में बदलाव की अटकलें तेज हैं तो बेनी ïबेटे के लिए मंत्री पद की डिमांड भी कर सकते हैं। इसके लिए जुलाई में होने वाले एमएलसी चुनावों के जरिये कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी बेनी प्रसाद वर्मा को राज्यसभा में भेजकर उनके कद का लाभ ले। समाजवादी पार्टी 2017 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर कदम फूंक कर रख रही है। बेनी को राज्यसभा भेजने की तैयारी की बड़ी वजह कुर्मी वोट बैंक भी है।

