दबंगो के हमले से घायल दलित की मौत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_895.html
बाराबंकी। थाना सफदरगंज अन्तर्गत ग्राम सैदनपुर के दउरा मोहल्ला का रहने
वाला दलित रामविलास आम बेचकर परिवार का गुजर बसर करता था। 18 जून की
दोपहर वह सैदनपुर चौराहे से अपने घर खाने आ रहा था कि मेराज, मजीद,
सिराज, निसार, यासमीन आदि ने रामविलास पिंकी, पूनम, रीता, सुनील कुमार
मालारानी विलमेश कुमार आदि पर ईंट गुम्मा लाठी डन्डो से प्राण घातक हमला
कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया। थाना सफदरगंज पुलिस ने मामले को गम्भीरता
पूर्वक नही लिया। एनसीआर दर्ज कर घायलो की मजरूबी चिटठी बनवा कर अस्पताल
से चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद कर्तव्यो से इति श्री कर लिया। जबकि
गम्भीर रूप से घायल रामविलास को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी
हालत नाजुक देख ट्रामा सेन्टर लखनऊ भेजा। जहां उपचार के दौरान 45 वर्षीय
दलित रामविलास पुत्र तुलसीराम की मौत हो गयी। मौत की खबर सैदनपुर मे आग
की तरह फैल गयी और दोनों वर्गो में खांसा तनाव व्याप्त हो गया। मामले की
गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने कई थानो की पुलिस को तैनात कर
दिया। इस घटना के बारे में हमलावर मेराज का कहना था कि रामविलास के घर के
पीछे की जमीन उसकी है जिसकी पैमाइश बावत तहसील में प्रार्थना पत्र दिया
गया था किन्तु लेखपाल जगजीवन ने पैमाइश करने में घोर लापरवाही बरती वही
पुलिस ने इस प्रकरण में जब समझौता कराया था कि विवादित भूमि पर कोई भी
व्यक्ति किसी प्रकार का हस्ताक्षेप नही करेगा उसकी समय सफदरगंज पुलिस
शांति व्यवस्था भंग 107/116 की कार्यवाही की होती तो शायद इतनी बड़ी घटना
नही घटती ग्रामीण व परिजन राजस्व व पुलिस प्रशासन को दोषी बता रहे है।
वाला दलित रामविलास आम बेचकर परिवार का गुजर बसर करता था। 18 जून की
दोपहर वह सैदनपुर चौराहे से अपने घर खाने आ रहा था कि मेराज, मजीद,
सिराज, निसार, यासमीन आदि ने रामविलास पिंकी, पूनम, रीता, सुनील कुमार
मालारानी विलमेश कुमार आदि पर ईंट गुम्मा लाठी डन्डो से प्राण घातक हमला
कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया। थाना सफदरगंज पुलिस ने मामले को गम्भीरता
पूर्वक नही लिया। एनसीआर दर्ज कर घायलो की मजरूबी चिटठी बनवा कर अस्पताल
से चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद कर्तव्यो से इति श्री कर लिया। जबकि
गम्भीर रूप से घायल रामविलास को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी
हालत नाजुक देख ट्रामा सेन्टर लखनऊ भेजा। जहां उपचार के दौरान 45 वर्षीय
दलित रामविलास पुत्र तुलसीराम की मौत हो गयी। मौत की खबर सैदनपुर मे आग
की तरह फैल गयी और दोनों वर्गो में खांसा तनाव व्याप्त हो गया। मामले की
गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने कई थानो की पुलिस को तैनात कर
दिया। इस घटना के बारे में हमलावर मेराज का कहना था कि रामविलास के घर के
पीछे की जमीन उसकी है जिसकी पैमाइश बावत तहसील में प्रार्थना पत्र दिया
गया था किन्तु लेखपाल जगजीवन ने पैमाइश करने में घोर लापरवाही बरती वही
पुलिस ने इस प्रकरण में जब समझौता कराया था कि विवादित भूमि पर कोई भी
व्यक्ति किसी प्रकार का हस्ताक्षेप नही करेगा उसकी समय सफदरगंज पुलिस
शांति व्यवस्था भंग 107/116 की कार्यवाही की होती तो शायद इतनी बड़ी घटना
नही घटती ग्रामीण व परिजन राजस्व व पुलिस प्रशासन को दोषी बता रहे है।

