महिलाओं से की अभद्रता, एसपी से शिकायत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/blog-post_558.html
बाराबंकी। थाना असन्द्रा अन्तर्गत मामूली खड़जे के विवाद को लेकर ग्राम
प्रधान को खुश करने के खातिर चौकी प्रभारी और उनके सहयोगी पुलिस कर्मियों
ने एक गरीब के घर पर जमकर नंगा नाच किया। निर्दोषों को जमकर पीटा। घर में
तोड़ फोड़ की और महिलाओं से अभद्रता भी की। पुलिस के आतंक से गरीब परिवार
गांव से पलायन कर गया और आज पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की
गुहार लगायी है। जानकारी के अनुसार, थाना असन्द्रा क्षेत्र के अन्तर्गत
आने वाले पुलिस चौकी दिलावलपुर के चौकी इंचार्ज अरविन्द शर्मा पुलिसकर्मी
सौरभ सिंह व दो अन्य सहयोगियों को साथ में लेकर 7 जुलाई की शाम को ग्राम
इमाम गंज मजरे रतौली निवासी कल्लू यादव के घर पर पहुंचे और पहुंचते ही इन
पुलिस कर्मियों ने अपशब्दों का प्रयोग करना शुरु कर दिया। घर पर मौजूद
गृहस्वामी की पत्नी गीता यादव उसकी मां राजेश्वरी देवी ने जब विरोध किया
तो पुलिस कर्मियों ने इन महिलाओं के साथ भी जमकर अभद्रता की। इसके बाद
पुलिस कर्मियों ने घर के अन्दर घुसकर जमकर तोड़ फोड़ की। कुछ ग्रामीणों ने
जब इसका विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने इन ग्रामीणों को भी नही बख्शा
और उनकी भी पिटाई की। जाते समय पुलिस कर्मी यह धमकी भी दे गये कल्लू जब
घर आये तो उसे चौकी भेज देना। नही तो ऐसा मुकदमा लिखूंगा की कई सालों तक
जेल के अन्दर सड़ते रहोगे। पुलिसकर्मी के जाने के बाद जब कल्लू को इस बार
की जानकारी हुई तो उसकी दिन रात को वह अपने परिवार के साथ थाना असन्द्रा
आया और घटना की लिखित शिकायत की। लेकिन थाना प्रभारी ने कोई भी कार्यवाही
नही की। आज पीड़ित कल्लू ने पुलिस अधीक्षक के पास आकर अपना दुखड़ा रोया और
न्याय की गुहार लगायी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने
जांच के आदेश जारी किये। घटना के बारे में पीड़ित कल्लू ने बताया कि मेरे
खिलाफ न ही कोई मुकदमा है और न ही मैने ऐसा कोई गलत काम किया। जिससे
पुलिस मुझे परेशान करे। गांव के ही प्रधान पति के इशारे पर चौकी पुलिस ने
मेरे घर पर यह आतंक मचाया है। चौकी पंचायत चुनाव के दौरान मैने ग्राम
प्रधान का विरोध किया था। जिसका नतीजा यह निकला कि मैं पिछले दो दिनो से
गांव छोड़कर अपने बीबी बच्चों के साथ दर दर की ठोकरे खा रहा हूं। वहीं जब
इस सम्बन्ध में चौकी प्रभारी दिलावलपुर से वार्ता की गयी तो उनका कहना था
कि कल्लू द्वारा लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं। कल्लू ने ग्राम समाज की
जमीन पर कब्जा कर रखा था। उसकी जमीन पर ग्राम प्रधान ने खड़ंजा निर्माण का
कार्य शुरु किया तो यह बात सामने आयी। वहीं थाना प्रभारी अरुण द्विवेदी
का कहना है कि घटना की सूचना है शिकायत फर्जी नजर आ रही है। लेकिन जांच
पड़ताल की जायेगी अगर जांच में आरोप सही पाये गये तो कड़ी कार्यवाही की
जायेगी। वैसे ग्राम इमामगंज में इस घटना के बाद दहशत व्याप्त है।
चौकी पर चलती है प्रधान की हुकूमत
बाराबंकी। जब से ग्राम प्रधान इमामगंज में प्रधानी का चुनाव जीता तो
महिला सीट होने के कारण असली ग्राम प्रधान तो लखनऊ में विराजमान हैं।
लेकिन प्रधानी उनके पति और देवर कर रहे हैं। पिछले छः महीनों के अन्दर
प्रधान पति ने आधा दर्जन से ज्यादा निर्दोष ग्रामीणों को पुलिस से पिटाई
करवा चुके हैं। इस गांव में जरा से भी तू-तू मैं-मैं हुई और ग्राम प्रधान
पति ने चौकी पर फोन किया। 15 मिनट के अन्दर ही पुलिस कर्मी पहुंचते हैं
और प्रधान के बताये हुए आदमी को पकड़ कर पहले वहीं पर पीटते हैं। बाद में
चौकी पर ले जाकर के उसका शोषण करते हैं। ऐसा लगता है कि चौकी पुलिस सरकार
की नही ग्राम प्रधान की नौकरी कर रही है।
प्रधान को खुश करने के खातिर चौकी प्रभारी और उनके सहयोगी पुलिस कर्मियों
ने एक गरीब के घर पर जमकर नंगा नाच किया। निर्दोषों को जमकर पीटा। घर में
तोड़ फोड़ की और महिलाओं से अभद्रता भी की। पुलिस के आतंक से गरीब परिवार
गांव से पलायन कर गया और आज पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की
गुहार लगायी है। जानकारी के अनुसार, थाना असन्द्रा क्षेत्र के अन्तर्गत
आने वाले पुलिस चौकी दिलावलपुर के चौकी इंचार्ज अरविन्द शर्मा पुलिसकर्मी
सौरभ सिंह व दो अन्य सहयोगियों को साथ में लेकर 7 जुलाई की शाम को ग्राम
इमाम गंज मजरे रतौली निवासी कल्लू यादव के घर पर पहुंचे और पहुंचते ही इन
पुलिस कर्मियों ने अपशब्दों का प्रयोग करना शुरु कर दिया। घर पर मौजूद
गृहस्वामी की पत्नी गीता यादव उसकी मां राजेश्वरी देवी ने जब विरोध किया
तो पुलिस कर्मियों ने इन महिलाओं के साथ भी जमकर अभद्रता की। इसके बाद
पुलिस कर्मियों ने घर के अन्दर घुसकर जमकर तोड़ फोड़ की। कुछ ग्रामीणों ने
जब इसका विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने इन ग्रामीणों को भी नही बख्शा
और उनकी भी पिटाई की। जाते समय पुलिस कर्मी यह धमकी भी दे गये कल्लू जब
घर आये तो उसे चौकी भेज देना। नही तो ऐसा मुकदमा लिखूंगा की कई सालों तक
जेल के अन्दर सड़ते रहोगे। पुलिसकर्मी के जाने के बाद जब कल्लू को इस बार
की जानकारी हुई तो उसकी दिन रात को वह अपने परिवार के साथ थाना असन्द्रा
आया और घटना की लिखित शिकायत की। लेकिन थाना प्रभारी ने कोई भी कार्यवाही
नही की। आज पीड़ित कल्लू ने पुलिस अधीक्षक के पास आकर अपना दुखड़ा रोया और
न्याय की गुहार लगायी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने
जांच के आदेश जारी किये। घटना के बारे में पीड़ित कल्लू ने बताया कि मेरे
खिलाफ न ही कोई मुकदमा है और न ही मैने ऐसा कोई गलत काम किया। जिससे
पुलिस मुझे परेशान करे। गांव के ही प्रधान पति के इशारे पर चौकी पुलिस ने
मेरे घर पर यह आतंक मचाया है। चौकी पंचायत चुनाव के दौरान मैने ग्राम
प्रधान का विरोध किया था। जिसका नतीजा यह निकला कि मैं पिछले दो दिनो से
गांव छोड़कर अपने बीबी बच्चों के साथ दर दर की ठोकरे खा रहा हूं। वहीं जब
इस सम्बन्ध में चौकी प्रभारी दिलावलपुर से वार्ता की गयी तो उनका कहना था
कि कल्लू द्वारा लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं। कल्लू ने ग्राम समाज की
जमीन पर कब्जा कर रखा था। उसकी जमीन पर ग्राम प्रधान ने खड़ंजा निर्माण का
कार्य शुरु किया तो यह बात सामने आयी। वहीं थाना प्रभारी अरुण द्विवेदी
का कहना है कि घटना की सूचना है शिकायत फर्जी नजर आ रही है। लेकिन जांच
पड़ताल की जायेगी अगर जांच में आरोप सही पाये गये तो कड़ी कार्यवाही की
जायेगी। वैसे ग्राम इमामगंज में इस घटना के बाद दहशत व्याप्त है।
चौकी पर चलती है प्रधान की हुकूमत
बाराबंकी। जब से ग्राम प्रधान इमामगंज में प्रधानी का चुनाव जीता तो
महिला सीट होने के कारण असली ग्राम प्रधान तो लखनऊ में विराजमान हैं।
लेकिन प्रधानी उनके पति और देवर कर रहे हैं। पिछले छः महीनों के अन्दर
प्रधान पति ने आधा दर्जन से ज्यादा निर्दोष ग्रामीणों को पुलिस से पिटाई
करवा चुके हैं। इस गांव में जरा से भी तू-तू मैं-मैं हुई और ग्राम प्रधान
पति ने चौकी पर फोन किया। 15 मिनट के अन्दर ही पुलिस कर्मी पहुंचते हैं
और प्रधान के बताये हुए आदमी को पकड़ कर पहले वहीं पर पीटते हैं। बाद में
चौकी पर ले जाकर के उसका शोषण करते हैं। ऐसा लगता है कि चौकी पुलिस सरकार
की नही ग्राम प्रधान की नौकरी कर रही है।

