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मुलायम के 2 दिन में 3 बड़े फैसले:अखिलेश की जगह शिवपाल बने सपा प्रदेश अध्यक्ष

लखनऊ । यूपी में मुलायम सिंह यादव ने दो दिन में तीसरा बड़ा फैसला लिया है। पहले करप्शन के आरोप में सोमवार को दो मंत्रियों को अखिलेश यादव की कैबिनेट से हटाया गया। इसके बाद मंगलवार सुबह चीफ सेक्रेटरी को हटा दिया गया। अब सीएम अखिलेश की जगह शिवपाल यादव को यूपी में पार्टी की कमान सौंप दी गई है। पार्टी चीफ मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं। इससे पहले वे यूपी में चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
सीएम बनेंगे पार्टी का चेहरा
सितंबर के आखिरी हफ्ते में सपा का विकास रथ निकलना है। इस पर खुद अखिलेश को सवार होकर गांंवों और कस्बों तक जाना है। ऐसे में काफी पहले तय किया गया था कि सीएम अखिलेश यादव को पार्टी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाएगा। अब शिवपाल पार्टी का फेस बनेंगे और वोटर्स को सपा के पक्ष में वोट करने के लिए मोटिवेट करेंगे।
शिवपाल को मैनेज तो नहीं किया गया?
कहा जा रहा है कि मुलायम ने शिवपाल यादव को मैनेज करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, मंगलवार सुबह ही शिवपाल के खास अफसर दीपक सिंघल को सीएम अखिलेश यादव ने मुख्य सचिव के पद से हटा दिया था।ऐसे में नाराज शिवपाल यादव को मुलायम ने मैनेज करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बिठाया है।
सोमवार को दो मंत्रियों को हटाया गया था
वहीं, सोमवार को भी दो मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर का रास्ता सीएम अखिलेश ने दिखाया था। इसमें खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और पंचायती राज मंत्री राजकिशोर सिंह को कैबिनेट से बर्खास्त किया गया था। सपा सूत्रों की मानें तो सीएम जहांं राजकिशोर के खिलाफ बढ़ती शिकायतों से परेशान थे, वहींं, गायत्री प्रसाद प्रजापति को हटाने के लिए मुलायम ने खुद हुक्म सुनाया था।
कौमी एकता दल के विलय को लेकर अखिलेश-शिवपाल में ठनी थी
बता दें, कौमी एकता दल का इसी साल 21 जून को समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव ने विलय कराया था। हालांकि, उस समय पार्टी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी सपा में शामिल नहीं हुए थे।
कहा गया था कि अखिलेश यादव इस विलय के पक्ष में नहीं थे। कहा जाता है कि कौमी एकता दल के सपा में विलय के बाद मुलायम सिंह यादव के परिवार में विवाद भी हो गया था।
इस फैसले से नाराज अखिलेश यादव को मनाने के लिए शिवपाल यादव उनके घर पहुंचे थे। इसके बाद मुलायम भी बेटे अखिलेश के फैसले से नाराज हो गए थे।
लेकिन अखिलेश ने पार्टी इमेज को देखते हुए कौमी एकता दल से किनारा कर लिया था और पार्टी ने विलय को रद्द कर दिया था।
हालांकि, कुछ दिन बाद एक चैनल के प्रोग्राम में शिवपाल यादव ने कहा कि कौमी एकता दल का सपा में विलय जल्द होगा।

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