पकड़े गये चोरों पर नही हुई कोई कार्यवाही, एसपी से की शिकायत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/09/blog-post_426.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। कोतवाली नगर क्षेत्र में ताबड़तोड़ चोरी की घटनाओं के बाद जहां
शहरवासियों का जीना मुहाल है। वहीं दूसरी तरफ जब शहरवासी रंगे हाथ चोरों
को पकड़कर पुलिस के हवाले करते हैं तो उसके बाद भी कोतवाली पुलिस
कार्यवाही करने के वजाय सौदेबाजी करने में जुट जाती है। इतना ही नही
पीड़ितों पर दबाव बनाकर मनमाने तरीके से नाम बढ़ाने और कम करने का दबाव
बनाती है। जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर क्षेत्र में शायद ही ऐसा कोई
दिन बचा हो जिस दिन शहर में कहीं न कहीं चोरी लूट और राहजनी की घटनाएं न
घटती हों। लेकिन इन घटनाओं का खुलासा करने की बात तो दूर कोतवाली पुलिस
का यही प्रयास रहता है कि घटनाओं की प्राथमिकी न दर्ज की जाये। इसके लिये
कोतवाली प्रभारी से लेकर उनके सहयोगी व सारे तरीके अपनाते है। जिससे वादी
को मजबूर होकर वापस लौटना पड़ता है। इसी तरह का जीता जागता उदाहरण 5
सितम्बर की रात को ग्राम पल्हरी पोस्ट बड़ेल में देखने को मिला। 5 सितम्बर
की रात को पशु चोर पल्हरी गांव के हरिकेश उर्फ पिन्टू पुत्र अशर्फीलाल के
घर पर धाबा बोला। घर के बाहर बंधी लाखो रुपये कीमत की दो दुधारु भैंसो को
चोरों ने खोल लिया और रफूचक्कर हो गये। सुबह करीब 5 बजे गृहस्वामी की आंख
खुली और उसने देखा कि बाहर उसकी दोनो भैंसे खूटे पर नही बंधी है तो उसने
भैंसो की तलाश शुरु की। लेकिन कहीं पता नही चला। 6 सितम्बर की सुबह करीब
10 बजे गांव के किनारे एक विक्रम डाले पर कुछ लोग भैंस को लादने का
प्रयास कर रहे थे। इसी बीच अपनी भैंसो की तलाश में जुटा हरिकेश की नजर उस
जगह पर पड़ गयी और वो वहां पर पहुंच गया। उसने जब नजदीक जाकर देखा तो अपनी
भैंस की पहचान कर ली। हरिकेश ने शोर मचाना शुरु किया तो चीख पुकार सुनकर
आस पड़ोस के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गये और एक चोर को रंगे हाथ धर
दबोचा। जबकि बाकी अन्य चोर मौके से भागने में सफल रहे। जब हरिकेश और गांव
वालो ने पकड़े गये चोर की पिटाई शुरु की तो उसने अपना नाम लतीफ पुत्र रफीक
निवासी बड़ेल बताया। हरिकेश ने मण्डी चौकी इंचार्ज को घटना की जानकारी दी
और पकड़े गये चोर को उनके हवाले कर दिया। उसके बाद में पीड़ित हरिकेश ने
कोतवाली नगर में जाकर लतीफ के अलावा जुबेर निवासी कंधईपुर, संदीप और कपूर
चंद के विरुद्ध नामजद तहरीर दी। लेकिन घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी
कोतवाली नगर पुलिस ने न तो घटना का मुकदमा दर्ज किया है और न ही नामजद
बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिये कोतवाली पुलिस कोई ही प्रयास कर रही है।
इतना ही नही मण्डी चौकी इंचार्ज सुनील कुमार सिंह पीड़ित के परिजनों पर
दबाव डाल रहे हैं कि अपनी तहरीर में कपूर चंद का नाम नही निकालोगे तब तक
न तो तुम्हारा मुकदमा दर्ज किया जायेगा और न ही आगे कोई कार्यवाही की
जायेगी। घटना के बारे में पीड़ित हरिकेश का कहना था कि कोतवाली पुलिस
लगातार मुझे धमकी दे रही है कि अगर कपूर का नाम निकालकर उनके स्थान पर
प्रदीप और गोले का नाम बढ़ाकर लिख कर दो उसके बाद ही तुम्हारी मद्द की
जायेगी। नही तो उल्टा तुमको ही सबक सिखा देंगे। पीड़ित हरिकेश ने पुलिस
अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग की है।
बाराबंकी। कोतवाली नगर क्षेत्र में ताबड़तोड़ चोरी की घटनाओं के बाद जहां
शहरवासियों का जीना मुहाल है। वहीं दूसरी तरफ जब शहरवासी रंगे हाथ चोरों
को पकड़कर पुलिस के हवाले करते हैं तो उसके बाद भी कोतवाली पुलिस
कार्यवाही करने के वजाय सौदेबाजी करने में जुट जाती है। इतना ही नही
पीड़ितों पर दबाव बनाकर मनमाने तरीके से नाम बढ़ाने और कम करने का दबाव
बनाती है। जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर क्षेत्र में शायद ही ऐसा कोई
दिन बचा हो जिस दिन शहर में कहीं न कहीं चोरी लूट और राहजनी की घटनाएं न
घटती हों। लेकिन इन घटनाओं का खुलासा करने की बात तो दूर कोतवाली पुलिस
का यही प्रयास रहता है कि घटनाओं की प्राथमिकी न दर्ज की जाये। इसके लिये
कोतवाली प्रभारी से लेकर उनके सहयोगी व सारे तरीके अपनाते है। जिससे वादी
को मजबूर होकर वापस लौटना पड़ता है। इसी तरह का जीता जागता उदाहरण 5
सितम्बर की रात को ग्राम पल्हरी पोस्ट बड़ेल में देखने को मिला। 5 सितम्बर
की रात को पशु चोर पल्हरी गांव के हरिकेश उर्फ पिन्टू पुत्र अशर्फीलाल के
घर पर धाबा बोला। घर के बाहर बंधी लाखो रुपये कीमत की दो दुधारु भैंसो को
चोरों ने खोल लिया और रफूचक्कर हो गये। सुबह करीब 5 बजे गृहस्वामी की आंख
खुली और उसने देखा कि बाहर उसकी दोनो भैंसे खूटे पर नही बंधी है तो उसने
भैंसो की तलाश शुरु की। लेकिन कहीं पता नही चला। 6 सितम्बर की सुबह करीब
10 बजे गांव के किनारे एक विक्रम डाले पर कुछ लोग भैंस को लादने का
प्रयास कर रहे थे। इसी बीच अपनी भैंसो की तलाश में जुटा हरिकेश की नजर उस
जगह पर पड़ गयी और वो वहां पर पहुंच गया। उसने जब नजदीक जाकर देखा तो अपनी
भैंस की पहचान कर ली। हरिकेश ने शोर मचाना शुरु किया तो चीख पुकार सुनकर
आस पड़ोस के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गये और एक चोर को रंगे हाथ धर
दबोचा। जबकि बाकी अन्य चोर मौके से भागने में सफल रहे। जब हरिकेश और गांव
वालो ने पकड़े गये चोर की पिटाई शुरु की तो उसने अपना नाम लतीफ पुत्र रफीक
निवासी बड़ेल बताया। हरिकेश ने मण्डी चौकी इंचार्ज को घटना की जानकारी दी
और पकड़े गये चोर को उनके हवाले कर दिया। उसके बाद में पीड़ित हरिकेश ने
कोतवाली नगर में जाकर लतीफ के अलावा जुबेर निवासी कंधईपुर, संदीप और कपूर
चंद के विरुद्ध नामजद तहरीर दी। लेकिन घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी
कोतवाली नगर पुलिस ने न तो घटना का मुकदमा दर्ज किया है और न ही नामजद
बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिये कोतवाली पुलिस कोई ही प्रयास कर रही है।
इतना ही नही मण्डी चौकी इंचार्ज सुनील कुमार सिंह पीड़ित के परिजनों पर
दबाव डाल रहे हैं कि अपनी तहरीर में कपूर चंद का नाम नही निकालोगे तब तक
न तो तुम्हारा मुकदमा दर्ज किया जायेगा और न ही आगे कोई कार्यवाही की
जायेगी। घटना के बारे में पीड़ित हरिकेश का कहना था कि कोतवाली पुलिस
लगातार मुझे धमकी दे रही है कि अगर कपूर का नाम निकालकर उनके स्थान पर
प्रदीप और गोले का नाम बढ़ाकर लिख कर दो उसके बाद ही तुम्हारी मद्द की
जायेगी। नही तो उल्टा तुमको ही सबक सिखा देंगे। पीड़ित हरिकेश ने पुलिस
अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग की है।

