जौनपुर में भगवान के नाम पर बिक रहा है ‘माउथ कैंसर !
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आरिफ हुसैनी
जौनपुर। जौनपुर
में जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में देवी-देवताओं के नाम पर कैंसर जैसी जानलेवा
बीमारी को जन्म देने वाला ‘
मीठा जहर’ बिक रहा है जो लोगों की जिन्दगी के साथ खिलवाड़ करने के साथ ही
उस व्यक्ति के पूरे परिवार को बर्बाद करने वाला ‘
स्वीट प्वाइजन’ है। बता दें कि जनपद
में पिछले कई वर्षों से शंकर,
गणेश,
देवनाथ,
सरस्वती,
लवकुश सहित अन्य देवी-देवताओं के नाम पर स्वीट प्याइजन बेचा
जा रहा है। यह प्वाइजन युवाओं की जिन्दगी को बर्बाद कर रहा है। साथ ही पूरे परिवार
पर दुःखों का पहाड़ भी गिरा रहा है। दोहरा बेचने वाले मालामाल हो रहे हैं जबकि खाने
वाले ‘
माउथ कैंसर’ के शिकार हो रहे हैं जो समय से पहले काल के गाल में समाते जा
रहे हैं तथा उनके परिवार उपचार कराने में पूरी तरह से तबाह हो जा रहे हैं। लोगों की
मानें तो दोहरे से निरन्तर मौत हो रही हैं जबकि दर्जनों लोग कैंसर नामक जानलेवा बीमारी
से पीड़ित हो रहे हैं। बुजुर्गों की मानें तो जौनपुर में दोहरा का आविष्कार जौनपुर-बदलापुर
मार्ग पर स्थित बसारतपुर से हुआ है। किदवंती है कि इस क्षेत्र को स्टेट कहा जाता था
जहां की महारानी प्रतापगढ़ स्टेट की थीं। यहां पर सुपारी खाने का प्रचलन कई वर्षों से
चला आ रहा है। जब रानी जी का विवाह बसारतपुर स्टेट के राजा से हुआ तो वे यहां आकर भी
सुपारी में लौंग,
इलाइची,
पहाड़ी कत्था सहित अन्य सामग्री मिलाकर खाती थीं। इसके बाद जो
शौकीन व्यक्ति महल में गया,
वह जलपान के बाद दिये जाने वाले दोहरे को खाया। राजमहल से निकला
यह दोहरा अब जौनपुरवासियों के लिये पूरी तरह से मौत का सामान बन गया है। इसका मुख्य
कारण है कि दोहरा बेचने वाले लोग अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में सड़ी सुपारी सहित अन्य
घटिया सामग्री को मिलाकर बेचना शुरू कर दिये हैं। इसके कारण इसका सेवन करने वाले लोग
धीरे-धीरे ‘
माउथ कैंसर’ का शिकार होकर काल के गाल में समाते जा रहे हैं। माता,
पिता,
भाई,
बहन आदि इस रोग से शिकार परिवार के सदस्य का उपचार कराने में
पूरी तरह से कंगाल हो जा रहे हैं। हालत यह हो रहा है कि लोग उपचार कराते कराते कर्जदार
होने के साथ संजो कर रखे गये अपनी गाढ़ी कमाई को गंवा देते हैं।