'मिस्त्री के आरोपों की जांच करे एसआईटी': स्वामी
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इतना ही नहीं, स्वामी ने इस सदंर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें टाटा सन्स के अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा के खिलाफ विशेष जांच की मांग की है और कहा है कि एसआईटी में सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय तथा सेबी से अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि इसमें कई तरह के ‘अपराध’ शामिल हैं। पत्र में उन्होंने एयर एशिया और विस्तारा मामले में कथित घपले के बारे में लिखे गए अपने पहले के पत्र की याद भी दिलाई है।
बीजेपी सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि टाटा संसद के पहले के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने रतन टाटा के बारे में जो कहा है, उससे पूर्व में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है। उन्होंने कहा कि साइरस मिस्त्री ने अब अपने पत्र में जो कहा है, उससे साफ है कि आईपीसी की धारा 120 बी, 403, 405 और 415 के तहत मामला बनता है। ऐसे में इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
हाल ही में टाटा सन्स ने सायरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटा दिया था, जिसके बाद मिस्त्री ने भी टाटा के इस संयुक्त उद्यम पर पैसों की धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद विमानन कंपनियों का संघ एफआईए टाटा-एयर एशिया डील के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चला गया था। सायरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद भी स्वामी ने रतन टाटा के खिलाफ ट्वीट किए थे। अपने ट्वीट्स में उन्होने कहा था कि रतन टाटा, टाटा परिवार के पैतृक सदस्य नहीं हैं क्योंकि उनके पिता नवल टाटा को गोद लिया गया था। साथ ही, स्वामी ने रतन टाटा पर पैसों की धोखाधड़ी करने जैसे कई संजीदा आरोप लगाए थे।
