मुलायम ने बुलाई अहम बैठक, अखिलेश भी पहुंचेंगे, होगा बड़ा फैसला!
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नई दिल्ली। क्या समाजवादी पार्टी टूट से बच पाएगी? यह सवाल सबके ज़हन में है। पार्टी में मचे घमासान पर आज सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने अपने सियासी जीवन की सबसे बड़ी बैठक बुलाई है। आज की बैठक में मुलायम सिंह क्या फैसला करेंगे? सुलह का कोई फॉर्मूला निकालेंगे या फिर कोई कठोर फैसला करेंगे, सबकी नजरें इसी पर टिकी हैं। पार्टी दफ्तर में 11 बजे ये बैठक होने वाली है।
अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव समेत चार मंत्रियों को बर्खास्त कर अपने सख्त तेवर दिखाए हैं। उसी तरह शाम होते-होते मुलायम सिंह के तेवर भी तल्ख नजर आए। आज सुबह 11 बजे पार्टी कार्यालय पर मुलायम सिंह ने सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में अमर सिंह शामिल नहीं होंगे। अखिलेश अपने विधायकों की मीटिंग में सीधे तौर पर अपने पिता को लेकर कुछ भी बोलने से बचते रहे। सिर्फ इतना कहा कि पिता-पुत्र के रिश्ते में जो आएगा, वो भुगतेगा। उनका निशाना सीधे अमर सिंह की तरफ था, लेकिन मुलायम सिंह के निशाने पर अखिलेश जरूर रहे।
लखनऊ में आज भी सियासी उठापटक का दौर देखने को मिल सकता है। खबर है कि आज अखिलेश भी कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। अमर सिंह पर कार्रवाई नहीं होने की सूरत में वह कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। वहीं सपा नेता अबू आजमी ने मुलायम सिंह से अमर सिंह को पार्टी से निकालने की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक मुलायम सिंह कई बार बैठक में भावुक हुए। मुलायम ने कहा कि क्या अखिलेश को यही दिन देखने के लिए मुख्यमंत्री बनाया था। जो बाप का नहीं हुआ, वो बात का क्या होगा यानी अपनी जुबान का पक्का क्या होगा? मुलायम सिंह यादव ने कहा कि रामगोपाल ने बहुत ही खराब भूमिका निभाई है और अखिलेश को उन्होंने ही भड़काया है। किसने कहां गड़बड़ की और क्या भ्रष्टाचार किया, वो सब मुझे पता है, मैं सबके बारे में जानता हूं।
बेटे अखिलेश को लेकर इतने तल्ख तेवर मुलायम सिंह के इससे पहले कभी नहीं रहे। यही नहीं रामगोपाल यादव की भूमिका भी मुलायम को नागवार गुजरी है। आज देखना यह होगा कि समाजवादी कुनबा एकजुट रह पाता है या फिर बिखर जाएगा। सोमवार का दिन अखिलेश के राजनीतिक जीवन पर भारी पड़ेगा या फिर उन्हें चट्टान की तरह मजूबत बनाने में मददगार साबित होगा।

लखनऊ में आज भी सियासी उठापटक का दौर देखने को मिल सकता है। खबर है कि आज अखिलेश भी कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। अमर सिंह पर कार्रवाई नहीं होने की सूरत में वह कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। वहीं सपा नेता अबू आजमी ने मुलायम सिंह से अमर सिंह को पार्टी से निकालने की मांग की है।
बेटे अखिलेश को लेकर इतने तल्ख तेवर मुलायम सिंह के इससे पहले कभी नहीं रहे। यही नहीं रामगोपाल यादव की भूमिका भी मुलायम को नागवार गुजरी है। आज देखना यह होगा कि समाजवादी कुनबा एकजुट रह पाता है या फिर बिखर जाएगा। सोमवार का दिन अखिलेश के राजनीतिक जीवन पर भारी पड़ेगा या फिर उन्हें चट्टान की तरह मजूबत बनाने में मददगार साबित होगा।
