लड़कियों के जींस आैर आवाज करने वाले गहने पहनने पर रोक !
https://husainijnp.blogspot.com/2016/10/blog-post_815.html
ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी शैक्षणिक संस्थान में ड्रेस कोड लागू किया गया है। इससे पहले साल की शुरुआत में कोझीकोड के कॉलेज में भी लड़कियों के जीन्स और टॉप पहनने पर पाबंदी लगाई गई थी। मदुरै के मेडिकल कॉलेज ने भी इसी तरह का ड्रेस कोड लागू किया था। उस दौरान भी छात्रओं के स्कर्ट और लैगिंग पहनने पर रोक लगा दी थी। तब इसको लेकर काफी प्रदर्शन भी हुआ था।
लड़कियों ने सर्कुलर पर जताया विरोध
मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में पढऩे वाली लड़कियों का कहना है कि उनके लिए साड़ी या दुप्पटा पहनकर आना बड़ी उलझन है। परीक्षा और प्रैक्टिकल परीक्षा में उन्हे ऐसे कपड़े पहनने में परेशानी होती है और चलने-फिरने में दिक्कत होती है। दुपट्टे का ध्यान रखना भी मुश्किल होता है।
क्या करें, क्या न करें की लिस्ट
लड़के-लड़कियों, दोनों को फार्मली ड्रेस होने व 'क्या करें' और 'क्या न करें' की लिस्ट दी गई है। लड़कों को 'साफ कपड़े और फॉर्मल ड्रेस व जूते' पहनने को कहा है। वहीं युवतियों को फार्मल्स पहनने को जिसमें 'चूड़ीदार या साड़ी' का जिक्र है और उनके बाल 'बंधे हुए' हो। 'जींस, लेगिंग्स या शोर करने वाले आभूषण' पहनने से रोका गया है।

