संस्कार मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : नाईक
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श्री नाईक आज यहां जिले के जमुआ गांव निवासी अपने साथी केसरी प्रसाद यादव की पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि राम के जीवन आदर्शो को अपने जीवन में उतारें । उदाहरण देते हुए उन्होने कहा कि जब श्री राम को कैकेयी ने बनवास देने की बात की तो उनके पिता राजा दशरथ उन्हे रोकना चाहते थे लेकिन श्रीराम ने अपने आदर्श और धर्म का पालन करते हुए बनवास जाने की बात स्वीकार की। उनके साथ भाई लक्ष्मण, पत्नी सीता भी अपने धर्म का पालन करने के लिए गयी। उन्होंने कहा कि जब तक राम कथा है, राम कथा के श्रोता हैं तब तक भारत एक श्रेष्ठ राष्ट्र बना रहेगा ।

