जौनपुर : मकर संक्रांति पर हुआ कुश्ती दंगल
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जौनपुर। मकर संक्रान्ति का पर्व को दूसरे दिन
गुरूवार को परम्परागत रूप से हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर भीषण ठण्ड के
बावजूद आदि गंगा गोमती के विभिन्न घाटों पर बड़ी संख्या में लोग सवेरे से ही स्नान
कर दान पुण्य का लाभ अर्जित किया। दिन भर बच्चों ने जमकर पतंगबाजी की । सवेरे से
ही शहर के हनुमान घाट, अचला घाट, गोकुल घाट आदि
स्थानों पर श्रद्धालुओं ने गोमती में डुबकी लगाई तथा भगवान भाष्कर की आराधना कर
ब्राह्णणों व गरीबों में अन्नदान किया सई आदि नदियों के घाटों पर सुबह बड़ी संख्या
में श्रद्धालुओं ने स्नान कर । इसके बाद अपने परिचितों को लाई, चिवड़ा, गट्टा, गुड़ का तिलकुट, तिल का लड्डू, तिलकुट, बादाम पट्टी, सेव ढुंढा, गजक आदि खाद्य सामग्री सगे-संबंधियों में
वितरित किया। बच्चे व युवा नगर के राजा साहब पोखरे, अपने घरों की
छतों, खुले मैदानों में दिनभर पतंगबाजी का आनंद लिया। पतंग कटने पर भा
कटा रे की आवाज गूंजती रही। कई स्थानों पर तो युवा डीजे लगाकर संगीत का भी आनंद
लेते रहे। कई स्थानों पर बुलबुल दंगल का भी आयोजन किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रो
में इस पर्व पर कुश्ती दंगल में जोर आजमाइश की गयी। प्राचीन ग्रन्थों तथा परम्परागत
मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रान्ति से सूर्य मकरमत होकर उत्तरायण में गतिशील होता
है। इसी के साथ सूर्य के उत्तराभिमुख होने पर रात छोटी तथा दिन बड़ा होने लगता है।
लोक जीवन में खिचड़ी के नाम से प्रसिद्ध इस पर्व के आगमन पर हिन्दू धर्मावलम्बियों
में विवाहिता पुत्रियों तथा बहनों को खिचड़ी भेजने का प्रचलन है। इसके अलावा इस
त्योहार पर पतंगबाजी का भी रिवाज है।
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