जनता के बीच मतभेद उत्पन्न करना राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध है-ख़ामेनेई
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| इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई |
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा है कि जनता के बीच मतभेद उत्पन्न करना इस्लामी गणतंत्र ईरान की उमंगों और राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध है।
उन्होंने पवित्र नगर क़ुम में, 19 दई 1356 हिजरी शम्सी को इस नगर की जनता की शाही शासन के विरुद्ध क्रांति के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उन्नीस दई, ईरान में जनक्रांति का आरंभ था जिसने ईरानी राष्ट्र को अत्याचारी शासन से संघर्ष के मैदान में प्रविष्ट कर दिया और जिसके परिणाम स्वरूप ईरान में अत्याचारी शासन का अंत हो गया।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह विचार पाया जाता है कि उन्नीस दई सन 1356 बराबर 1977 की और नौ दई 1388 की इस्लामी क्रांति के लिए निर्णायक और महान घटनाओं को भुला दिया जाए किन्तु जब तक ईरानी राष्ट्र जीवित है, यह कभी भी नहीं होगा। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी क्रांति और ईरानी राष्ट्र से अमरीकियों की शत्रुता का कारण यह है कि विशेष भौगोलिक स्थिति का स्वामी ईरान, इस्लामी क्रांति की सफलता के माध्यम से उनके हाथ से निकल गया। उन्होंने ईरान के विरुद्ध अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि जनता और अधिकारी प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए शत्रु की शर्त जो इस्लामी मूल्य और स्वाधीनता से पीछे हटना और वैज्ञानिक प्रगति को छोड़ना है, स्वीकार नहीं करेंगे।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि अधिकारियों को विदेशियों से आशाएं नहीं लगानी चाहिए और यह जान लेना चाहिए कि एक क़दम भी पीछे हटने से शत्रु बढ़ता ही चला आएगा। इस आधार पर इस प्रकार कार्य करना चाहिए कि यदि शत्रुओं ने प्रतिबंध न भी उठाये तब भी जनता की प्रगति और कल्याण को हानि न पहुंचे। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि कुछ अमरीकी अधिकारियों का यहां तक बयान है कि परमाणु मुद्दे में यदि ईरान पीछे भी हटा तब भी प्रतिबंधों को एक साथ समाप्त नहीं किया जाएगा, कहा कि मैं वार्ता का विरोधी नहीं हूं किन्तु इस संबंध में वास्तविक और आशावादी बिन्दुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईरान के भविष्य को पूर्ण उज्जवल बताया और कहा कि देश के युवा ऐसा दिन देखेंगे जब अत्याचारी शत्रु उनके मुक़ाबले में झुके हुए नज़र आएंगे।

