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नशे में धुत्त रायफल धारी सिपाही को पकड़ते दो
दरोगा: फोटो अमित गुप्ता
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जौनपुर | यूपी की स्मार्ट पुलिस का दम भरने वाली
प्रदेश सरकार भले हे उन्हें जनता के करीब आने का दम भर्ती हो लेकिन लगता है के वर्दी
के रौब में इस के ऊपर अपने मातहतों का कोई आदेश का असर दिखाई नहीं दे रहा है | तभी तो अकेले जौनपुर में विगत दो
माह के अंदर पुलिस का
ऐसा चेहरा कैमरे में कैद होने के बाद जनता के सामने आया की पुलिस के आलाधिकारी मुह छुपाने पर मजबूर
हो गए | कार्यवाही के नाम पर अपना पल्ला झाड लेने वाले अधिकारी उस वक़्त एक बार
फिर शर्मसार हो गए जब नगर के रेलवे स्टेशन के पास ड्यूटी पर तैनात सिपाही ने न सिर्फ घंटो
उत्पात मचाया बल्कि अपने कप्तान के खौफ का भी असर उसके चेहरे पर नहीं दिखा | जौनपुर भंडारी रेलवे स्टेशन के पास बने पुलिस क्लब की
ज़मींन को लेकर कुछ विवाद काफी समय से चल रहा था | इसी को लेकर एसपी के आदेश पर
पुलिस के दर्जनो जवानो को यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया था | पर अपने अधिकारियो के आदेश को
मानना तो दूर कई पुलिस कर्मी शराब के नशे में धुत होकर न सिर्फ यहाँ के
दुकानदारो को परेशान करते है बल्कि वर्दी का नशा इनके ऊपर इस कदर हावी रहता है की
कोई भी इनसे सवाल जवाब करे तो उसकी खैर नहीं | रात के अँधेरे में कंधे पर रायफल
लटका कर एक होटल पर खाना खाने पहुंचे महाशय का नाम उमाशंकर है खाना तो इन्होने भर
पेट खाया पर होटल मालिक ने जब पैसा माँगा तो वर्दी का रौब झाड़ने लगे मीडिया जब इन्हे कैमरे में
कैद करने लगी तो भी इन्हे ज़रा भी खौफ नहीं दिखा और जब कप्तान से शिकायत करने की
बात कही गयी तो इसने कहा मुझे एस पी का भी डर नहीं |
आखिरकार मीडिया के दबाव में पुलिस कप्तान बबलू कुमार ने दो सब इंस्पेक्टर को भेजा तो वे इस सिपाही को
गाडी पर बिठा कर थाने ले गये | एस पी ने मीडिया से बात करते हुए कहा की सिपाही का मेडिकल करा दिया गया है
उसके ऊपर कार्यवाही की जाएगी |
बहरहाल एस पी ने
कार्यवाही करने का बयांन देकर अपनी बचत भले ही कर ली हो पर ये कोई नया मामला नहीं
है | इसके पहले कुछ दिन पूर्व लाइन बाजार में शराब के नशे में धुत सिपाही ने वर्दी को घंटो सड़क पर शर्मशार किया तो वही चंद पैसो के खातिर दो पुलिस
के सिपाहियों ने एक युवक की इस कदर सरे राह पिटाई की कि लोग दातो
तलें ऊँगली दबाने पर मजबूर हो गए | इससे तो यही
लगता है की मैं चाहे जो करू मेरा कोई कुछ बिगाड़ नही सकता क्योकि मैं वर्दी में हु | वही जब आलाधिकारियों के सामने मामला पंहुचता
है तो वही जाँच के नाम पर मामले को रफा दफा कर
दिया जाता है | ऐसे में इन पुलिस कर्मियो के खिलाफ
अधिकारयों ने कड़ी कार्यवाही नहीं की तो वो दिन दूर नहीं जब ये पुलिस
कर्मी वर्दी की आड़ में कोई बड़ी घटना को अंजाम दे देंगे और अधिकारी
देखते रह जायेंगे | जरूरत है उन्हें
अनुशासन में रहने की |