मुसलमानों ने फूंका यूरोपीय देशों का झण्डा
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जौनपुर। फ्रान्स की पत्रिका शार्ली एब्दो
द्वारा घोर विरोध के बावजूद बनाये गये हजरत मोहम्मद साहब के आपत्ति जनक चित्र वहां
की सरकार की इच्छानुसार छापने के बारे में शहर के बड़ी संख्या में मुसलमानों ने बड़ी
मस्जिद में जुमा की नमाज के बाद जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और यूरोपियों मुल्कों
का झण्डा जलाया। यूरोपियन संघ सहित अमेरिका, फ्रान्स ब्रिटेन आदि
देशों की साजिश का हिस्सा बताया। आल इण्डिया सीरत कमेटी, मुसिलम यूथ आर्गनाइजेशन व आसिकाने रसूल वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस प्रदर्शन में शहर की तमाम अंजुमनों ने अपना विरोध दर्ज
कराया। कमेटी के अध्यक्ष इरफान अब्बासी एडवोकेट ने कहा कि फ्रान्स सरकार द्वारा
शार्ली एब्दो पर कार्यवाही न करना पूरी सरकार का कुकृत्य में शामिल होना दर्शाता
है। इसलिये पत्रिका को प्रतिबन्धित कर माफी मांगने की मांग करते है। मुस्मिल यूथ
आर्गनाइजेशन के अध्यक्ष आरिफ हबीब ने कहा कि यूरोप चाहता है कि मुस्लिम समाज विरोध
प्रदर्शन में फंसकर समाज की मुख्य धारा से कट जाय। हम उनकी हर साजिश को नाकाम कर
देगें। उन्होने कहा कि चाहे पैगम्बरे इस्लाम की तौहीन का मामला हो या देवी देवताओं
का | यूरोप व फ्रान्स आदि मुल्को का असली चेहरा दुनियां के सामने पेश करना चाहिए।
इस मौके पर जाफर अहसन, डा0 बेलाल, मुख्तार अनीस, अयाज ताहिर, जफर मसूद, अशफाक मंसूरी, असलम कुरैशी, जलालुद्दीन, एकराम सौदागर, कमाल आजमी आदि मौजूद रहे। संचालन साजिद अलीम ने किया।

