महिला को निर्वस्त्र कर पेड़ से बांधा, की पिटाई
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे निर्वस्त्र कर एक पेड़ से बांधा गया और पिटाई की गई। राज्य के दक्षिण 24 परगना में उसके साथ यह ज्यादती चोरी के आरोप में की गई। मामले में पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया था जिसे बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। महिला के साथ हुई इस घटना पर विपक्ष ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए इसे अपराधियों को संरक्षण देने वाला बताया। पुलिस ने इस घटना के लिए एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। मामला दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर उपखंड के कुलटोली का है।
शिकायत करने वाली महिला ने कहा कि मुझ पर चोरी का आरोप लगाया गया और संजीब मैती के नेतृत्व में एक समूह ने मुझे निर्वस्त्र कर एक पेड़ से बांध दिया और लाठियों से मेरी पिटाई की। उन्होंने लोहा गर्म कर मुझे दागा भी। पीड़िता ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। बरुईपुर उपखंड के पुलिस अधिकारी दीपक सरकार ने कहा कि मैती और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
विपक्षी मार्क्सेवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस घटना में तृणमूल कांग्रेस की संलिप्तता का आरोप लगाया है, लेकिन सत्ताधारी पार्टी ने आरोपों का खंडन किया है। वहीं कांग्रेस और बीजेपी ने आरोपी को जमानत मिलने पर राज्य प्रशासन को आड़े हाथों लिया। राज्य के पूर्व मंत्री और माकपा नेता कांती गांगुली ने पीड़िता से मुलाकात करने के बाद कहा कि उसे निर्वस्त्र कर एक पेड़ से बांधने के बाद उसके साथ ऐसी ज्यादती की, जिसे बयां नहीं किया जा सकता। उसके साथ यह ज्यादती सिर्फ इसलिए की गई, क्योंकि वह माकपा की समर्थक थी। तृणमूल के गुंडे हमारे लोगों पर लंबे समय से हमले करते आ रहे हैं। हम सभी दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हैं।
लेकिन तृणमूल के कुलटोली ब्लॉक के अध्यक्ष गोपाल माझी ने विपक्ष के आरोपों से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि पूरा मामला माकपा द्वारा बुना गया है और उसके नेता (गांगुली) हमें फंसाने और तृणमूल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अभिनेत्री से राजनीतिज्ञ बनी रूपा गांगुली ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब स्वयं मुख्यमंत्री दुष्कर्म जैसे अपराधों को छोटी बात बताएंगी, तो इस तरह के अपराध होना लाजिमी है। यह शर्म की बात है कि जिस राज्य की मुख्यमंत्री महिला हो उस राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की खबरें सुर्खियों में छाई रहती हैं।

