कौशाम्बी में किसानो को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की नसीहत
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अशोक केसरवानी
कौशांबी | किसानों को जागरूक करने के लिए उद्यान विभाग की ओर से सिराथूविकास खंड क्षेत्र के रामपुर धमावां गांव में गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इसमें किसानों को मृदा परीक्षण, ड्रिप ¨सचाई, बागवानी व सब्जी संबंधित
जानकारी कृषि वैज्ञानिकों ने दी । नेशनल मिशन फॉर सस्टनेबुल एग्रीकल्चर
योजना के तहत रामपुर धमावां में आयोजित गोष्ठी में मृदा वैज्ञानिक डॉ.
मनोज सिंह ने मृदा के स्वास्थ्य परीक्षण व भूजल के बचत की जानकारी किसानों
को दी । उन्होंने बताया कि आज भी जनपद के अधिकतर किसान परंपरागत ढंग से
खेती कर रहे हैं। खेतों में रासायनिक उर्वरक बड़े पैमाने पर डाली जा रही
है। इससे मृदा का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। किसानों को चाहिए कि वह मिट्टी
के स्वास्थ्य का परीक्षण कराकर जैविक खाद का प्रयोग करें। इसके अलावा
ड्रिप पद्धति से बागवानी व फसल की¨सचाई करें। जिससे भूगर्भ जल का दोहन न
हो। भूमि संरक्षण विभाग के तकनीकी सहायक सहाउद्दीन खां ने बताया कि
नदियों के क्षेत्र में मिट्टी की कटान को रोकने के लिए भूमि संरक्षण
विभाग द्वारा मेड़ बनवाई जाती है । डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कृषि
वैज्ञानिक तरीके से खेती करके किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।
उद्यान निरीक्षक मेवाराम ने बताया कि उद्यान विभाग की ओर से बागवानी व
सब्जी की खेती में किसानों को भारी अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा
ड्रिप सिचाई व्यवस्था अपनाने मे भी किसान को अनुदान देने की व्यवस्था है।

