सोशल सर्विस वाले छीन ले जाएंगे आपके बच्चे!
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नई दिल्ली: आपने कभी सोचा है कि अगर आपने अपने बच्चों को सप्ताहांत में टीवी या कम्पयूटर गेम खेलने से मना किया तो सोशल सर्विस वाले आपके घर पर धावा बोल देंगे और आपके बच्चों को आपसे छीनकर किसी फोस्टर(बच्चों के लिए बनाई गई ‘अनुकूल’ जगह) होम में रख देंगे? साथ ही वे अपने साथ स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के कर्मचारियों को भी लाएंगे और आपको अपराधी घोषित करते हुए तरह-तरह के सवाल करेंगे?
इंग्लैंड की एक वेबसाइट पर छपी खबर के मुताबित अड़तीस साल की विक्टोरिया सिमोर के साथ कुछ ऐसा ही हुआ जब उसकी बेटियों जॉर्ज और ग्रेस ने अपने स्कूल में शिकायत कर दी कि उन्हें सप्ताहांत में घर पर टीवी और कम्प्यूटर गेम खेलने नहीं दिया जाता। बस फिर क्या था-आननफानन में सोशल सर्विस वाले उनके घर पहुंच गए और उन्होंने दोनों बच्चों को मां-बाप से छीन लिया और उसे फोस्टर होम में रख दिया। करीब तीन महीने की कड़ी कानूनी मशक्कत के बाद ही विक्टोरिया को उसके बच्चे मिल पाए। अब इतना तो तय है कि विक्टोरिया और उसके पति कभी इंग्लैंड नहीं जाएंगे। दरअसल, विक्टोरिया और उसके पति एलेन इंग्लैंड में ही पैदा हुए हैं और अब वे ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। वे एलेन की मां से मिलने के लिए इंग्लैंड गए हुए थे। एलेन दंपत्ति ने डोरसेट के ब्रिडपोर्ट सोशल सर्विस के खिलाफ उनके मानवाधिकार हनन का मामला दायर किया है। पूरे यूरोप में सिर्फ इंग्लैंड ही ऐसा देश है जहां मां-बाप की मर्जी के बगैर बच्चों को उनसे ले लेने का कानून है।

