बाजार में आया जमैथा का प्रसिद्ध खरबूजा
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आज तक टाइम्स
जौनपुर । जनपदवासियों
के लिए जमैथा गांव का प्रसिद्ध खरबूजा बाजार में आ गया है। यह प्र्रसिद्ध खरबूजा आज
भी लोगों के बीच में अपनी पैठ बनाये हुए है।
खरबूजे की खेती करने वाले जमैथा गांव निवासी देवराज, मंगरु, दधिबल, रामपूजन
आदि किसान बताते है इस गांव की खासियत है कि यहां का प्रत्येक किसान थोड़ा सा ही सही
अपने खेतों में खरबूजे की फसल जरूर लगता ताकि उनके परिजनों व शुभचिन्तकों आदि को किसी
दूसरे के यहां खरबूजा मांगने के लिए न जाना पड़े। खरबूजे की बुआई तकनीकी के बारे में
किसानों ने बताया कि खरबूजे की बुआई करने से पूर्व इसके बीजों को दो-तीन दिनों तक पानी
में भिगोया जाता है, उसके बाद राख में मिलाकर चार- पांच दिनों तक
रखा जाता है। जब राख में लपटकर रखा हुआ खरबूजे का बीज अंकुरित होने लगता है, तब खेत
की जुताई कर अंकुरित हुए बीज की बुआई कर दी जाती है। बुआई के 15-16 दिनों
बाद उसकी गुड़ाई की जाती है जिससे बीजों का
विकास तेजी से होता है। किसानों ने बताया कि बुआई के एक माह जब पौधा काफी बड़ा हो जाता
है, तब उसकी
क्यारी आदि बनाकर सिंचाई की जाती है। खरबूजें की बुआई का कार्य आलू की खुदाई के पश्चात
ही कर दिया जाता है और मई माह के प्रथम सप्ताह तक इसका फल बाजार में बेचे जाने योग्य
तैयार हो जाता है।

