बिक रहे प्री-पेड एक्टीवेटेड सिम
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जौनपुर। फर्जी आईडी प्रूफ इस्तेमाल प्रीपेड एक्टीवेडेट मोबाइल
सिम जिला मुख्यालय और ग्रामीण बाजारों में बिकना बन्द नहीं हो पा रहा है। मोबाइल कम्पनियों
के अधिकारियों तथा सेल्स से जुड़े जनपदीय अधिकारी अपना लच्य पूरा करने के वास्ते इस
अवैध धन्धे को बन्द करने के लिए तैयार नहीं है। जनपद में धड़ल्ले से मोबाइल की दुकानों
पर रखवाकर बिकवा रहे हैं। दुकानार अधिक फायदे की लालच में खुलेआम उसे बेच रहे हैं जो
कानूनन अपराध है। इसकों रोकने के लिए ट्राई ने अनेक सुझाव दिये हैं और सख्त कानून भी
बनाये लेकिन सतर्कता विभाग द्वारा कभी भी छापे नहीं डाले जा रहे हैं। ट्राई ने कुछ
महीने पहले एक नया तरीका अपनाया कि जिस तरह से पोस्ट पेड सिम का वेरीफिकेशन होने के
बाद सिम चालू होगा उसी तरह अब प्रीपेड का भी अब वेरीफिकेशन होगा लेकिन इस नीयम को धता
बताते हुए मोबाइल कम्पनियों के अधिकारी दुकानदारों को गुमराह कर फर्जी आईडी प्रूफ लगाकर प्रीपेड को एक्टीवेट करा रहे हैं और फर्जी आईडी
प्रूफ लगाकर भरे हुए फार्म कम्पनी को भेज देते हैं। बताया जाता है कि सिम के वेरीफिकेशन
वाले व्यक्ति या संस्था से उच्चाधिकारियों की मिली भगत होती है। क्योकि वेरीफिकेशन
इतना लचीला होता है कि जो आसानी से कोई भी इसे बता सकता है। कुठ दुकानदारों ने बताया
कि सेल्स अधिकारी सिम को पहले ही एक्टीवेट कराने के लिए दबावबनाते हैं और लालच भी देते
हैं। कुठ कम्पनियों के अधिकारी तो प्रीपेड एक्टीवेटेड सिम पर बड़े इनामों का लालच देते
है और कहते है कि इतना सिंम एक्टीवेटैड करा दो तो यह इनासम दिया जायेगा। इसी लालच में
दुकानदार उसे रखने के लिए तैयार हो जाते हैं और यहीं से अपराधिक गतिविधियों में लिप्त
लोगों के पास सिम पहुचने की संभावना प्रबल हो जाती है जो आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था के
लिए बाधा है।

