पीलीभीत में घर में घुसा तेंदुआ , रेस्क्यू आपरेशन में DFO और एक महिला घायल
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पीलीभीत । थाना गजरौला क्षेत्र में टाईगर रिजर्व की माला रेंज की कालोनी माला कालोनी में आज एक तेंदुआ एक घर में घूंस गया।जिसे ग्रामीणे ने एक कमरे में बंद कर दिया। ग्रामीणो के आक्रोश के बाद वन विभाग व पुलिस ने उसे पकडने के लिए कई घण्टें मशक्कत की। तेंदुए तो पकडा गया लेकिन इस पूरे रेस्क्यू में जहाॅं तेंदुआ घायल हो गया वही डीएमओ कैलाश प्रसाद भी तेंदुए के हमले में घायल हो। इसके साथ ही एक बूढी महिला भी घायल हुई है
भीड लगे इसी घर के कमरे में तेंदुआ बंद है दरअसल 70 वर्षीये प्रियवाला आज जब दोपहर में कमरे में गयी तो किसी जानवर ने पंजा मारा महिला यह समझी की कुत्ता है लेकिन करीब से जाकर देखने पर एहसाह हुआ यह तो तंेदुआ है जिसके बाद घर में अफरा तफरी मच गयी और ग्रामीणो ने इसको कमरे में बंद कर दिया। तेंदुए के पंजे से महिला घायल हो गयी। जिसके बाद सूचना होने पर भारी पुलिस फोर्स व टाईगर रिजर्व की टीम पहुची जिसमें डीएफओ कैलाश प्रसाद भी पहुचे,ग्रामीणो तेंदुओ को मारना चा रहे थे लेकिन किसी तरह प्रशासन ने ग्रामीणो को समझाया और पिंजरा मंगा कर कई घण्टे तेंदुओ को पकडने की मशक्कत की। शाम को तेंदुआ पिंजरे में आया तो कई तामाशबीनो पर तेंदुए ने पिंजरा के अन्दर से हमला करना चाहा। क्योकि इस पूरे रेस्क्यू में डीएफओ पिंजरे के पास ही थे तेंदुए ने उनकी पीठ पर पंजा मार दिया जिससे उनकी जहाॅं शर्ट फट गयी वही हल्की खरोचे भी आयी है वही तेंदुए के एक पैर में भी चोटे आयी है वन विभाग ने जब तेंदुए को पिंजरे में कैद करके बाहर ले जाना चाहा तो कई गांव वालो ने पिंजरे पर हमला करना चाहा लेकिन वन विभाग व प्रशासन की सूझ बूझ से ग्रामीण नाकायाब हो गये और तेंदुए की जान बच गयी
भीड लगे इसी घर के कमरे में तेंदुआ बंद है दरअसल 70 वर्षीये प्रियवाला आज जब दोपहर में कमरे में गयी तो किसी जानवर ने पंजा मारा महिला यह समझी की कुत्ता है लेकिन करीब से जाकर देखने पर एहसाह हुआ यह तो तंेदुआ है जिसके बाद घर में अफरा तफरी मच गयी और ग्रामीणो ने इसको कमरे में बंद कर दिया। तेंदुए के पंजे से महिला घायल हो गयी। जिसके बाद सूचना होने पर भारी पुलिस फोर्स व टाईगर रिजर्व की टीम पहुची जिसमें डीएफओ कैलाश प्रसाद भी पहुचे,ग्रामीणो तेंदुओ को मारना चा रहे थे लेकिन किसी तरह प्रशासन ने ग्रामीणो को समझाया और पिंजरा मंगा कर कई घण्टे तेंदुओ को पकडने की मशक्कत की। शाम को तेंदुआ पिंजरे में आया तो कई तामाशबीनो पर तेंदुए ने पिंजरा के अन्दर से हमला करना चाहा। क्योकि इस पूरे रेस्क्यू में डीएफओ पिंजरे के पास ही थे तेंदुए ने उनकी पीठ पर पंजा मार दिया जिससे उनकी जहाॅं शर्ट फट गयी वही हल्की खरोचे भी आयी है वही तेंदुए के एक पैर में भी चोटे आयी है वन विभाग ने जब तेंदुए को पिंजरे में कैद करके बाहर ले जाना चाहा तो कई गांव वालो ने पिंजरे पर हमला करना चाहा लेकिन वन विभाग व प्रशासन की सूझ बूझ से ग्रामीण नाकायाब हो गये और तेंदुए की जान बच गयी
डीएफओ का कहना है कि तेंदुए का इलाज के बाद उसे जंगल में छोडा जायेगा वही गांव वालो का आरोप है कि कई दिन से टाईगर व तेंदुआ जंगल से निकलकर गांव में आ रहा है और उनके जानवरो को अपना निवाला बना रहा है इसी वजह से ग्रामीण काफी आक्रोषित दिखे। अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वन्य जीव जंगल से निकलकर क्यो रिहाईशी इलाको में आ रहे है क्या जंगल में उनका खाना यानि जंगली जानवर खत्म हो रहे है सवाल टाईगर रिजर्व टीम पर भी है क्येाकि अगर सही से इन वन्यजीवो की मानीटरिेंग की जाये तो शायद यह जंगल से न निकले। फिलहाल आये दिन टाईगर व तेंदुए के रिहाईशी इलाके में आने से इंसानो के साथ ही इन लुप्त होते जानवरो की जान भी खतरे में है ।

