प्रथम चरण में 65 प्रतिशत शान्तिपूर्वक मतदान
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जौनपुर। जिले में प्रथम चरण चुनाव के लिए
शुक्रवार को 6 विकास खण्डों में जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए कड़ी
सुरक्षा व्यवस्था के बीच शान्तिपूर्ण 65 प्रतिशत मतदान हुआ। इन क्षेत्रों में चाय
की दुकानें तक पुलिस ने डण्डे के बल पर बन्द करा दिया। बूथों के बाहर भीड़ नहीं
दिखाई दी जबकि मतदान के लिए ज्यादातर स्थानों पर कतारें लगी रही। पुलिस और प्रशासन
के अधिकारी मतदान केन्द्रों का चक्रमण करते देखे गये। प्रेक्षक भी मतदान की
प्रक्रिया का जायजा लेते रहे। दोपहर तक मतदान का प्रतिशत कम रहा लेकिन अपरान्ह काम
काज से खाली होने के बाद ग्रामीण जब परिवार के साथ मतदान करने निकले तो बूथों पर
भीड़ लगी रही। के केराकत ब्लाक के तरियारी बूथ पर दो प्रत्याशियों के समर्थकों की
भारी भीड़ लगी रही इसी बीच जिलाधिकारी भानुचन्द गोस्वामी और पुलिस अधीक्षक राजाबाबू
सिंह वहां पहुंच गये तो पुलिस ने भीड़ पर डण्डे फटकारना शुरू कर दिया तथा भगदड़ मच
गयी। लोग अपने वाहनों को छोड़कर भागे जिन्हे सीज कर दिया गया। अपरान्ह चार बजे तक
बजेे तक 60 प्रतिशत मतदान हो सका था।
सिरकोनी विकास खण्ड सिरकोनी, धर्मापुर, जलालपुर,
मुफ्तीगंज,
केराकत
और डोभी में सवेरे मतदान शुरू हुआ लेकिन बूथों पर अधिक भीड़ नहीं रही ग्रामीण आते
और शान्ति से मतदान कर चले जाते। सुरक्षाकर्मी बूथों पर अनावश्यक लोगों को खड़ नहीं
होने दे रहे थे। बूथ से काफी दूर प्रत्याशियों के समर्थक वोटर लिस्ट आदि लेकर बैठे
रहे और मतदान करने वालों के लिए पर्चियां बना रहे थे। सवेरे दुकाने खुली रही लेकिन
पुलिस ने जबरन दुकानें बन्द कर दिया जिससे लोग चाय पान के लिए भी परेशान दिखाई
दिये। जगह जगह बैरियर लगाकर वाहनों की तलाशी ली जा रही थी। सड़कों पर वाहन चल रहे
थे लेकिन बूथ के निकट जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। जबरन बूथों पर आने पर कई
लोगों को पुलिस की लाठियां खानी पड़ी। केराकत ब्लाक के बमबावन बूथ पर दो
प्रत्याशियों के समर्थकों में वोट देने के मामले को लेकर मार पीट हो गयी और पथराव
भी हुआ जिसमें जिसमें कई लोग चोटिल हो गये। एक बीडीसी प्रत्याशी गंभीर रूप से घायल
हो गया। पुलिस आ जाने पर लोग भाग गये। मतदान के एक घण्टे पहले कई बूथों पर भारी
भीड़ लग गयी और अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। पुलिस के सख्त रवैये के कारण गड़बड़ी
करने की मंशा पर पानी फिर गया। कई बूथों पर फर्जी मतदान पड़ने की शिकायतें भी
प्रयास में आयी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों का नाम मतदाता सूची में न रहने के कारण
उन्हे वापस लौटना पड़ा।

