जश्न ए ईद ए ग़दीर और जश्न ए ईद ए मुबाहिला सदारत और खेताबत जनाब सैयद मोहम्मद मासूम|
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जनाब सैयद मोहम्मद मासूम ने जश्न ए ईद ए ग़दीर और जश्न ए ईद ए मुबाहिला २०१५ दुबग्गा ,लखनऊ में सदारत के साथ साथ खिताब भी मोमिनीन को किया जिसमे उसका विषय था कौन है कामयाब मुसलमान ?
कामयाब मुसलमान उसे कहते हैं जिस से उसका रब राज़ी हो जाय और ये संभव है अल्लाह के बताये रास्ते पे चलने से ।
जिस तरह छोटी सी शीशी में अगर कोई ये कहे की इत्र भरा है और उसमे से खुशबू ना आ रही हो तो वो कुछ भी हो सकता है इत्र नहीं हो सकता क्यों की इत्र की पहचान उसकी खुशबु से हुआ करती है । इसी तरह अगर कोई शख्स ये कहे की वो मुसलमान है और अल्लाह के बन्दों की खिदमत ना करता हो ,समाज में अमन शान्ति में सहायक ना हो तो वो कुछ भी हो सकता है मुसलमान नहीं हो सकता ।
