विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
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जौनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला जज लुकमानुल
हक के निर्देशन एवं प्रधान न्यायाधीश राधेश्याम यादव की देख-रेख में कलेक्टेªट सभागार
में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों के सम्बन्ध
में संगोष्ठी का आयोजन हुआ जहां अध्यक्षता कर रहे सचिव राजीव पालीवाल ने कहा कि मानसिक
स्वास्थ्य एक गम्भीर समस्या है। इसका सम्बन्ध शरीर और मन दोनों से है। सभी बीमारियों
की जड़ दिमाग से ही है। ऐसी बैठकें औपचारिक न होकर व्यवहारिक होनी चाहिये। उन्होंने
विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा अपने जीवन के अनुभव व समस्याओं को बताने पर
मौके पर ही समाधान कराते हुये अवगत कराया कि किसी समस्या का समाधान न होने पर तहसीलदार
(सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण) व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत कराने पर निस्तारण
कराया जायेगा। महिला कैदियों की समस्याओं के बारे में बताया कि जमानत होने के 2 माह बाद
धनाभाव में रिहा न होने वाली महिलाओं को स्वतः रिहा किया जा रहा है (अन्य मुकदमे में
न होने पर)। संधिकर्ता डा. दिलीप सिंह एडवोकेट ने बताया कि हर व्यक्ति कहीं न कहीं
से मानसिक रूप से अश्वस्थ रहता है। यूरोप, अमेरिका
के बाद अब यह बीमारी भारत, चीन, जापान समेत पूरे विश्व में बढ़ रही है जिसका कारण आनुवंशिकता, वातावरण
व जीन है। इसी क्रम में समूह सम्पादक कैलाशनाथ, डिप्टी
सीएमओ वीपी शर्मा, संजय उपाध्याय, डा. विमला
सिंह, रेनू सिंह, शालिनी
सिंह, संजय सेठ, अनुराग, विजय शंकर
श्रीवास्तव सहित आमंत्रित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने अपना बहुमूल्य सुझाव
दिया। अन्त में जिला प्रोबेशन अधिकारी अशोक सोनकर ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार
व्यक्त किया
