सयुंक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद चुनाव में पाकिस्तान की करारी हार
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NEW DELHI । संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा में यूएन मानवाधिकार परिषद के लिए हुए चुनाव में पाकिस्तान को सिर्फ 105 वोट मिले और वह चुनाव हार गया। महासभा में कल एक गुप्त मतदान के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 18 सदस्यों को चुना गया।
परिषद में पाकिस्तान का मौजूदा कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त होने जा रहा है और वह 47-सदस्यीय मानवाधिकार परिषद में फिर से निर्वाचित होने के लिए प्रयासरत था। सूत्रों ने बताया कि जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दे रहे पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को इस हार से झटका लगा है।
सूत्रों ने हार का जिम्मेदार पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के चुनाव लड़ने के तरीकों को ठहराया और कहा कि वह वोट के लिए प्रभावी ढ़ंग से प्रचार नहीं कर पाया। अगले वर्ष एक जनवरी से तीन वर्ष की अवधि के लिए अपना कार्यकाल शुरू करने वाले नए सदस्यों में बेल्जियम, बुरंडी, कोट डी आइवरी, इक्वाडोर, इथोपिया, जॉर्जिया, जर्मनी, केन्या, पनामा, किर्गिस्तान, मंगोलिया, फिलिपींस, कोरिया गणराज्य, टोगो, स्लोवेनिया, स्विट्जरलैंड, संयुक्त अरब आमीरात और वेनेजुएला है।
पाकिस्तान एशिया-प्रशांत श्रेणी में पराजित हुआ है जिसमें पांच सीटें खाली थीं। भारत भी परिषद का सदस्य है और इसका कार्यकाल 2017 में समाप्त होगा। जिनेवा स्थित गैर सरकारी मानवाधिकार समूह यूएन वाच ने पाकिस्तान की हार को एक 'बड़ी हैरत' बताया है।
मतदान के कुछ दिन पहले, कई सारे मानवाधिकार संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के लिए वेनेजुएला, पाकिस्तान और यूएई के पुन:निर्वाचन का विरोध किया था। यह विरोध मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए व्यापक स्तर पर इन देशों की सरकारों की होने वाली आलोचना की वजह से किया गया था ।

