बन्दी का औचित्य नहीं: इन्दू सिंह
https://husainijnp.blogspot.com/2015/10/blog-post_945.html
जौनपुर। केमिस्ट एण्ड
कास्मेटिक वेलफेयर एशोसिएशन सम्बद्ध एआईसीडीएम के संरक्षक इन्द्रभान सिंह इन्दू ने
कहा है कि दवा व्यापारी 14 अक्टूबर को अपनी दुकाने खुली रखेगें क्याकि दवा व्यापारियों
के हित में काम करने वाली एक कथित संस्था इस दिन दवा व्यवसाय बन्द कराने के प्रयास
में है। उनकी यह बन्दी ई-फार्मेसी रोकने के लिए है न कि दवा के फुटकर व्यवसाय में फार्मासिस्ट
की अनिवार्यता के विरोध में है। इस बन्दी का प्रस्ताव पारित किया गया है ई-फार्मेसी
को लेकर। इससे दवा के व्यापारियों को नुकसान पहुंच रहा है। यह संगठन बड़े व्यापारियों
के हाथ की कठपुतली है। सोमवार को शहर के ओलन्दगंज स्थित एक होटल में पत्रकारों से बात
करते हुए इन्दू सिंह ने कहा कि इस समय दवा व्यापारियों की सबसे बड़ी समस्या फार्मासिस्ट
है। बन्दी में छोटे व्यापारियों का समर्थन हासिल करने के लिए स्थानीय स्तर पर फार्मासिस्ट
का मुद्दा जोड़ दिया गया है। जिससे इनकी बन्दी सफल हो सके। ज्यादातर व्यापारी संस्था
की चालाकी समझ गये है और वे बन्दी को अपना समर्थन नहीं दे रहे है। कहा कि प्रदेश में
ई-फार्मेसी पहले ही रोक है। इसलिये प्रदेश में बन्दी का औचित्य नहीं है। फार्मासिस्ट
अनिवार्यता के मामले में संगठन मजबूती से लड़
रहा है। इस समय बीमारी फैली है। पंचायत चुनाव भी चल रहा है। दवा की दुकानें बन्द होने
से मरीजों को परेशानी होगी। संगठन ने व्यापार के साथ मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता
दी है। दवा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए सघर्ष करने के साथ जनता के हितो को भी ध्यान में रखा गया है। दवा के व्यापारी मरीजों के हित में अपनी दुकानें खुली
रखेगें। इस मौके पर चेयरमैन एक्शन कमेटी प्रमोद जायसवाल, चेयरमैन महेन्द्र गुप्ता, सचिव राजेन्द्र निगम, सुनील श्रीवास्तव, पारस नाथ निगम आदि मौजूद रहे।

