जौनपुर में सर सैय्यद का जन्मदिन धूम धाम से मना
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जौनपुर । अलीगढ मुस्लिम विश्व विद्यालय के
संस्थापक सर सैय्यद अहमद खान का जन्मदिवस प्रत्येक वर्षो की भाती इस
वर्ष भी अलीगढ़ मुस्लिम विष्वविद्यालय के पूर्व छात्रो
ने रविवार की रात्रि में ग्रीन लैंड लान में धूम धाम से मनाया । इस अवसर पर भोज का
आयोजन भी किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के उप
महाधिवक्ता कमरुल हसन सिद्दीकी एवं विशिष्ट अतिथि सदर विधायक कांग्रेस के
राष्ट्रिय प्रवक्ता नदीम जावेद एवं प्रोफेसर शकील समदानी रहे । इस मौके पर वक्ताओ
ने शिक्षा विद सर सैय्यद के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए लोगो का आह्वान
किया की आज ज़रूरत है सर सैय्यद के पद चिन्हों पर चलने की ।
इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के उप महाधिवक्ता कमरुल हसन सिद्दीकी ने कहा की जिस तरह अलीगढ़ ने मुसलमानों में शिक्षा का प्रसार करने में अहम भूमिका निभाई, उसी तरह की भूमिका उस संस्थान के पूर्व विद्यार्थी भी निभा सकते हैं परंतु वे ऐसा नहीं करते। सर सैय्यद डे मनाना मात्र एक औपचारिकता रह गई है। इस संस्थान के वे पूर्व छात्र, जो आज अपने जीवन में सफल हैं और पर्याप्त धनोपार्जन कर रहे हैं, सर सैय्यद अहमद की तरह, मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा फैलाने को अपने जीवन का मिशन बना सकते हैं। उन्हें ऐसा इसलिए भी करना चाहिए क्योंकि अगर वे अपने जीवन में सफल हैं तो उसका कारण वह आधुनिक शिक्षा है जो उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम विष्वविद्यालय में प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा की सर सैय्यद डे एक ऐसा दिन होना चाहिए जो प्रेरणा का स्त्रोत हो और जिस दिन लोग साम्प्रदायिक सद्भाव, आधुनिक शिक्षा मुस्लिम समुदाय के उन्नयन के प्रति स्वयं को पुनःसमर्पित करें, जैसा कि सर सैय्यद ने किया था। यह महत्वपूर्ण है कि सर सैय्यद ने हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच सदभाव कायम करने के लिए भी बहुत कुछ किया। यह भी उनके मिशन का हिस्सा था। उन्होंने कहा था कि हिन्दू और मुसलमान एक सुंदर दुल्हन की दो आंखे है।
अलीगढ मुस्लिम विश्व विद्यालय के विधि विभाग के प्रमुख प्रोफेसर शकील समदानी ने कहा की सर सैय्यद में इखलास , ईमानदारी और क़ुरबानी का जज्बा था । एवम धर्म निरपेक्ष व्यक्ति थे इसी लिए अलीगढ विश्व विद्यालय में मुसलमानों के साथ साथ और धर्म के छात्र छात्राए एवम अध्यापक मिलते है । विधायक नदीम जावेद ने कहा की सर सैय्यद के जीवन से लोगो को सबक लेकर समाज के लिए निःस्वार्थ भावना से कार्य करना चाहिए तभी हमारी कौम और मिल्लत आगे बढ़ पायेगी । समारोह की अध्यक्षता हबीब आलम खान एवम संचालन हनीफ अंसारी ने किया । इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ डी के यादव , पूर्व सी एम् ओ डॉ जी एच खान , डॉ ओसामा , शिया कालेज के प्रबंधक नजमुल हसन नजमी , महामंत्री इंजीनियर असलम अंसारी , सैय्यद मोहम्मद अब्बास आरिफ , मोहम्मद सैफ , डॉ फैज़ अहमद , डॉ फहीम , अनवर अल्वी , मोहम्मद तल्हा , डॉ सैफ खान , अफरोज आलम एडवोकेट आदि के साथ भरी संख्या में अलीगढ मुस्लिम विश्व विद्यालय के पूर्व छात्र मौजूद रहे ।
इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के उप महाधिवक्ता कमरुल हसन सिद्दीकी ने कहा की जिस तरह अलीगढ़ ने मुसलमानों में शिक्षा का प्रसार करने में अहम भूमिका निभाई, उसी तरह की भूमिका उस संस्थान के पूर्व विद्यार्थी भी निभा सकते हैं परंतु वे ऐसा नहीं करते। सर सैय्यद डे मनाना मात्र एक औपचारिकता रह गई है। इस संस्थान के वे पूर्व छात्र, जो आज अपने जीवन में सफल हैं और पर्याप्त धनोपार्जन कर रहे हैं, सर सैय्यद अहमद की तरह, मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा फैलाने को अपने जीवन का मिशन बना सकते हैं। उन्हें ऐसा इसलिए भी करना चाहिए क्योंकि अगर वे अपने जीवन में सफल हैं तो उसका कारण वह आधुनिक शिक्षा है जो उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम विष्वविद्यालय में प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा की सर सैय्यद डे एक ऐसा दिन होना चाहिए जो प्रेरणा का स्त्रोत हो और जिस दिन लोग साम्प्रदायिक सद्भाव, आधुनिक शिक्षा मुस्लिम समुदाय के उन्नयन के प्रति स्वयं को पुनःसमर्पित करें, जैसा कि सर सैय्यद ने किया था। यह महत्वपूर्ण है कि सर सैय्यद ने हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच सदभाव कायम करने के लिए भी बहुत कुछ किया। यह भी उनके मिशन का हिस्सा था। उन्होंने कहा था कि हिन्दू और मुसलमान एक सुंदर दुल्हन की दो आंखे है।
अलीगढ मुस्लिम विश्व विद्यालय के विधि विभाग के प्रमुख प्रोफेसर शकील समदानी ने कहा की सर सैय्यद में इखलास , ईमानदारी और क़ुरबानी का जज्बा था । एवम धर्म निरपेक्ष व्यक्ति थे इसी लिए अलीगढ विश्व विद्यालय में मुसलमानों के साथ साथ और धर्म के छात्र छात्राए एवम अध्यापक मिलते है । विधायक नदीम जावेद ने कहा की सर सैय्यद के जीवन से लोगो को सबक लेकर समाज के लिए निःस्वार्थ भावना से कार्य करना चाहिए तभी हमारी कौम और मिल्लत आगे बढ़ पायेगी । समारोह की अध्यक्षता हबीब आलम खान एवम संचालन हनीफ अंसारी ने किया । इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ डी के यादव , पूर्व सी एम् ओ डॉ जी एच खान , डॉ ओसामा , शिया कालेज के प्रबंधक नजमुल हसन नजमी , महामंत्री इंजीनियर असलम अंसारी , सैय्यद मोहम्मद अब्बास आरिफ , मोहम्मद सैफ , डॉ फैज़ अहमद , डॉ फहीम , अनवर अल्वी , मोहम्मद तल्हा , डॉ सैफ खान , अफरोज आलम एडवोकेट आदि के साथ भरी संख्या में अलीगढ मुस्लिम विश्व विद्यालय के पूर्व छात्र मौजूद रहे ।

