CM अखिलेश ने मंत्रिमंडल में शामिल किए 5 विवादित चेहरे
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को नई टीम बनाकर प्रदेश की जनता को एक संदेश तो दिया कि सरकार 2017 के चुनावों में जीत को लेकर उत्सुक है लेकिन साथ ही आज बनाए गए मंत्रियों में पांच विवादित चहरे भी हैं.
ये पांच विवादित नाम हैं साहब सिंह सैनी, मदन चौहान, रामसकल गुर्जर, पंडित सिंह और बलवंत सिंह रामू वालिया.
साहब सिंह
सहारनपुर से विधायक साहब सिंह सैनी गत दिनों काफी सुर्ख़ियों में थे. उन पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे जिसके बाद उत्तराखंड में काफी बवाल भी मचा था. लेकिन वह मुख्यमंत्री का विश्वास जीतने में सफल रहे और कैबिनेट मंत्री बन गए हैं.
ये पांच विवादित नाम हैं साहब सिंह सैनी, मदन चौहान, रामसकल गुर्जर, पंडित सिंह और बलवंत सिंह रामू वालिया.
साहब सिंह
सहारनपुर से विधायक साहब सिंह सैनी गत दिनों काफी सुर्ख़ियों में थे. उन पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे जिसके बाद उत्तराखंड में काफी बवाल भी मचा था. लेकिन वह मुख्यमंत्री का विश्वास जीतने में सफल रहे और कैबिनेट मंत्री बन गए हैं.
बलवंत सिंह
इसके बाद सबसे चौकाने वाला नाम है बलवंत सिंह. उनका यूपी से कोई भी नाता नहीं है, लेकिन रातों-रात उन्हें गाजियाबाद का निवासी बना दिया गया. बलवंत सिंह यूपी के किसी भी सदन के सदस्य भी नहीं है. लेकिन क्या देखकर उन्हें मंत्री बनाया गया है, अभी समझ से परे है.
इसके बाद सबसे चौकाने वाला नाम है बलवंत सिंह. उनका यूपी से कोई भी नाता नहीं है, लेकिन रातों-रात उन्हें गाजियाबाद का निवासी बना दिया गया. बलवंत सिंह यूपी के किसी भी सदन के सदस्य भी नहीं है. लेकिन क्या देखकर उन्हें मंत्री बनाया गया है, अभी समझ से परे है.
रामसकल गुर्जर
आगरा से विधायक रामसकल गुर्जर भी विवादों में रहे हैं. उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री अखिलेश के खिलाफ भी बयान दिया हैं.
आगरा से विधायक रामसकल गुर्जर भी विवादों में रहे हैं. उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री अखिलेश के खिलाफ भी बयान दिया हैं.
मदन चौहान
इसके अलावा, मदन चौहान का नाम काफी चौकाने वाला है, गढ़मुक्तेश्वर से विधायक मदन चौहान को अमर सिंह का दायां हाथ माना जाता है. इसके अलावा जब अमर सिंह को पार्टी से निकला गया था तब मदन सिंह ने खुलकर अखिलेश और मुलायम का विरोध किया था. लेकिन मदन सिंह की अखिलेश सरकार में एंट्री के पीछे अमर सिंह का हाथ ही नजर आ रहा है. इससे एक बात साफ़ है कि जल्द ही अमर सिंह की वापसी हो सकती है.
इसके अलावा, मदन चौहान का नाम काफी चौकाने वाला है, गढ़मुक्तेश्वर से विधायक मदन चौहान को अमर सिंह का दायां हाथ माना जाता है. इसके अलावा जब अमर सिंह को पार्टी से निकला गया था तब मदन सिंह ने खुलकर अखिलेश और मुलायम का विरोध किया था. लेकिन मदन सिंह की अखिलेश सरकार में एंट्री के पीछे अमर सिंह का हाथ ही नजर आ रहा है. इससे एक बात साफ़ है कि जल्द ही अमर सिंह की वापसी हो सकती है.
पंडित सिंह
इस लिस्ट में आखिरी नाम है विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह. इन्हें अखिलेश यादव ने कैबिनेट मंत्री बनाया है. यह सपा के बहुबली
नेता है जिनका नाम पीडीएस घोटाले में भी आया था.
किसको मिला कौन सा प्रभार
कैबिनेट मंत्री: अरविन्द कुमार सिंह गोप, कमाल अख्तर, विनोद कुमार उर्फ़ पंडित सिंह, बलवंत सिंह रामू वालिया, साहब सिंह सैनी.
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार: रियाज अहमद, फरीद महफूज किदवई,मूलचंद चौहान, रामसकल गुर्जर, नितिन अग्रवाल, यासर शाह, मदन चौहान, शादाब फातिमा.
राज्यमंत्री:
राधेश्याम सिंह, शैलेन्द्र यादव ललई, तेज नारायण पाण्डेय उर्फ़ पवन पाण्डेय, सुधीर कुमार रावत, ओमकार सिंह यादव, हेमराज वर्मा, लक्ष्मी कांत उर्फ़ पप्पू निषाद, वंशीधर बौद्ध
राधेश्याम सिंह, शैलेन्द्र यादव ललई, तेज नारायण पाण्डेय उर्फ़ पवन पाण्डेय, सुधीर कुमार रावत, ओमकार सिंह यादव, हेमराज वर्मा, लक्ष्मी कांत उर्फ़ पप्पू निषाद, वंशीधर बौद्ध

