बुरी खबर! यूपी में जाएगी 4500 सहायक अध्यापकों की नौकरी
https://husainijnp.blogspot.com/2015/11/4500.html
आगरा । 25000 लोगों ने खरीदी बीएड की जाली
मार्कशीट
डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी से बीएड की फर्जी
डिग्री खरीदकर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी
पाने वाले प्रदेश के 4500 सहायक अध्यापकों पर
बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है।
इस मामले की जांच कर रही एसआईटी नेबेसिक
शिक्षा विभाग से इन पर कार्रवाई करने के लिए
कहा है। इसके बाद विभाग ने इनकी डिग्रियों का
सत्यापन कर कार्रवाई के लिए सूची बनाना भी शुरू
कर दिया है।
बाद में इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
एसआईटी की जांच में यह पहले ही आ चुका है कि
2005 से 2009 के बीच लगभग 25000 लोगों ने बीएड
की जाली मार्कशीट खरीदकर यूनिवर्सिटी के
गोपनीय चार्ट में इसका रिकार्ड दर्ज करा लिया
था। इनमें से 4500 को सहायक अध्यापक की नौकरी
मिली।
एसआईटी ने इनकी सूची तैयार करके बेसिक शिक्षा
विभाग को सौंप दी है। गोपनीय चार्ट के अलावा
विश्वविद्यालय में इनका परीक्षा कॉपी और
एनरोलमेंट नंबर जैसा कोई रिकार्ड नहीं मिला था।
इन्होंने यूनिवर्सिटी से संबद्ध 83 कॉलेजों से ये
मार्कशीट खरीदी थी। इस जालसाजी में 2005 के
सत्र में 10 कॉलेजों की जांच पूरी होने पर
यूनिवर्सिटी के पांच अधिकारियों के खिलाफ केस
दर्ज हो चुका है। इनमें 450 मार्कशीट जाली मिली
थीं। इनमें से 225 सहायक अध्यापक बने। इन पर
एफआईआर के लिए शासन से अनुमति मांगी जा चुकी
है।
इसके बाद 2009 तक की जांच में जाली मार्कशीट के
सहारे 4500 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की
बात सामने आई। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन
सभी पर कार्रवाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग
को लिखा जा चुका है। इनमें अधिकांश शिक्षक
आगरा, अलीगढ़, कानपुर और झांसी मण्डल में तैनात
बताए गए हैं।
आगरा के बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि
एसआईटी से सहायक अध्यापकों की बीएड डिग्री
का सत्यापन कराए जाने का खत मिला था। इस पर
कार्रवाई के लिए सभी एबीएसए को निर्देश दे दिए
गए हैं।
उधर, बेसिक शिक्षा के सहायक निदेशक गिरिजेश
कुमार का कहना है कि उन्हें एसआईटी के खत की
जानकारी तो नहीं है लेकिन सत्यापन में कई सहायक
अध्यापकों के अंकपत्र फर्जी पाए जा चुके हैं। इन पर
कार्रवाई कराई जा रही है।
25000 - जाली मार्कशीट बीएड की बेची गई
4500 - सहायक अध्यापक बने जाली मार्कशीट से
500 - लोग जाली मार्कशीट बेचने में शामिल रहे
225 - शिक्षकों पर जल्द होगी एफआईआर
मार्कशीट
डा. बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी से बीएड की फर्जी
डिग्री खरीदकर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी
पाने वाले प्रदेश के 4500 सहायक अध्यापकों पर
बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है।
इस मामले की जांच कर रही एसआईटी नेबेसिक
शिक्षा विभाग से इन पर कार्रवाई करने के लिए
कहा है। इसके बाद विभाग ने इनकी डिग्रियों का
सत्यापन कर कार्रवाई के लिए सूची बनाना भी शुरू
कर दिया है।
बाद में इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
एसआईटी की जांच में यह पहले ही आ चुका है कि
2005 से 2009 के बीच लगभग 25000 लोगों ने बीएड
की जाली मार्कशीट खरीदकर यूनिवर्सिटी के
गोपनीय चार्ट में इसका रिकार्ड दर्ज करा लिया
था। इनमें से 4500 को सहायक अध्यापक की नौकरी
मिली।
एसआईटी ने इनकी सूची तैयार करके बेसिक शिक्षा
विभाग को सौंप दी है। गोपनीय चार्ट के अलावा
विश्वविद्यालय में इनका परीक्षा कॉपी और
एनरोलमेंट नंबर जैसा कोई रिकार्ड नहीं मिला था।
इन्होंने यूनिवर्सिटी से संबद्ध 83 कॉलेजों से ये
मार्कशीट खरीदी थी। इस जालसाजी में 2005 के
सत्र में 10 कॉलेजों की जांच पूरी होने पर
यूनिवर्सिटी के पांच अधिकारियों के खिलाफ केस
दर्ज हो चुका है। इनमें 450 मार्कशीट जाली मिली
थीं। इनमें से 225 सहायक अध्यापक बने। इन पर
एफआईआर के लिए शासन से अनुमति मांगी जा चुकी
है।
इसके बाद 2009 तक की जांच में जाली मार्कशीट के
सहारे 4500 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की
बात सामने आई। केस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इन
सभी पर कार्रवाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग
को लिखा जा चुका है। इनमें अधिकांश शिक्षक
आगरा, अलीगढ़, कानपुर और झांसी मण्डल में तैनात
बताए गए हैं।
आगरा के बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि
एसआईटी से सहायक अध्यापकों की बीएड डिग्री
का सत्यापन कराए जाने का खत मिला था। इस पर
कार्रवाई के लिए सभी एबीएसए को निर्देश दे दिए
गए हैं।
उधर, बेसिक शिक्षा के सहायक निदेशक गिरिजेश
कुमार का कहना है कि उन्हें एसआईटी के खत की
जानकारी तो नहीं है लेकिन सत्यापन में कई सहायक
अध्यापकों के अंकपत्र फर्जी पाए जा चुके हैं। इन पर
कार्रवाई कराई जा रही है।
25000 - जाली मार्कशीट बीएड की बेची गई
4500 - सहायक अध्यापक बने जाली मार्कशीट से
500 - लोग जाली मार्कशीट बेचने में शामिल रहे
225 - शिक्षकों पर जल्द होगी एफआईआर

