जामिया इमाम जाफर सादिक में कर्बला के शहीदों की याद में खमसा मजालिस में सोज़खानी सुनकर रो पड़े अज़ादार
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जौनपुर । कर्बला के प्यासे शहीदों और असीराने कर्बला की याद में जामिया इमाम जाफर सादिक के हाल में खमसा मजालिस में आज नज़र हसन एडवोकेट की सोज़खानी से आगाज़ हुआ ।उन्होंने सोज़खानी में कर्बला के दोलसोज़ मंज़र को ऐसा ब्यान किया की लोगो की आँखों से आंसुओ का सैलाब उमड़ पड़ा । मजलिस को खिताब करते हुए लखनऊ से आये मौलाना शमशाद अली वायज़ ने खिताब करते हुए कहा की कर्बला की जंग में ख़ानदाने रसूल पर जो ज़ुल्मो सितम हुआ ऐसा ज़ुल्म आज तक नहीं हुआ । इमाम हुसैन ने अपनी और अपने परिवार सहित 72 साथियो की अज़ीम शहादत देकर इस्लाम को बचा लिया । उन्होंने कहा की कर्बला के तपते जंगल में इमाम हुसैन के 6 माह के बेटे हज़रत अली असगर को भी 3 दिनों तक भूखा प्यासा रखकर बर्बरता पूर्वक जालिमो ने शहीद कर दिया । इस मौके पर प्रसिद्ध मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन ज़ैदी ने आये हुए लोगों का आभार व्यक्त किया ।



