जागरुकता शिविर का आयोजन
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न्यायपालिका
और न्याय सबके
लिये एक समान:
मौर्या
बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश राजबहादुर सिंह मौर्या ने कहा है कि न्यायपालिका और न्याय सबके लिए सुलभ हो, इस दिशा में विधिक सेवा प्राधिकरण अनवरत सार्थक प्रयास कर रहा है। वह गांव-गांव में विधिक साक्षरता एवं जागरुकता शिविर आयोजित कर अन्तिम छोर के व्यक्ति तक विधिक सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। श्री मौर्या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सोमवार को एडीआर भवन में आयोजित राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस के 29
वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि प्राधिकरण बढ़ते हुए वादों की संख्या को नियंत्रित करने में काफी सफल रहा है। अपर सत्र न्यायाधीश दयाराम ने कहा कि विधिक सेवा कार्यक्रमों को इसी प्रकार आगे बढ़ाते रहने से एक दिन सम्पूर्ण जनता विधिक रूप से साक्षर हो जायेगी। अपर सिविल जज सीडि आलोक कुमार दुबे ने कहा कि संविधान भौतिक व व्यवहारिक रूप से लागू नहीं हो पाया है।
1995 से आमूल चूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आज न्यायपालिका घर-घर जाकर उनके अधिकार बता रही है। उन्होने कहा कि अधिवक्ता न्यायपालिका की रीढ़ हैं। उनके सहयोग से ‘सबको न्याय’ की कल्पना पूरी हो सकती है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सियाराम चौरसिया ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक एवं अन्य अक्षमताओं के कारण न्याय पाने से वंचित न रहे। प्राधिकरण के सचिव सिविल जज सीडि अभिषेक श्रीवास्तव ने प्राधिकरण द्वारा दी जा रही विधिक सहायता के बारे में विस्तार से बताते हुए स्वागत व आभार व्यक्त किया। संचालन अधिवक्ता कमलेश चन्द्र शर्मा ने किया। कार्यक्रम को अपर सत्र न्यायाधीश सत्यदेव गुप्ता, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरजन सिंह, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अशोक कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता कुमारी रमा सिंह, रजनी सिंह, सिकन्दर जहां, यशोदानन्दन मिश्रा ने संबोधित किया

